Home रायपुर आंकलन के आधार पर पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा...

आंकलन के आधार पर पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा प्रगति पत्र, संचालक लोक शिक्षण ने संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को दिये निर्देश

62
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

रायपुर । संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को कक्षा पहली से लेकर 8वीं तक के विद्यार्थियों को विविध तरीकों से किए गए आंकलन के आधार पर प्रगति पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को प्रेषित अपने पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि प्रदेश में पढ़ई तुंहर दुआर के अंतर्गत विभिन्न विधियों से ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कक्षाएं राज्य में संचालित की गई है। विद्यार्थियों का आंकलन कर उसे वेब पोर्टल में भी अपलोड किया गया है। विविध तरीकों से किए गए आंकलन के आधार पर ही विद्यार्थियों को प्रगति पत्र प्रदान करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
संचालक लोक शिक्षण ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही यह नीति है कि कक्षा पहली से 8वीं तक बच्चों को परीक्षा के आधार पर पिछली कक्षा में नहीं रोका जाता है। उपरोक्त कक्षाओं के समस्त विद्यार्थियों को सामान्य रूप से अगले शिक्षा सत्र में अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की अकादमिक उपलब्धियों का सतत मूल्यांकन और उसके आधार पर आवश्यक शिक्षण देने की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी राज्य में पहली से 8वीं तक के बच्चों के लिए यहीं नीति लागू रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here