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भारतीय सेना ने आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स की 100वीं वर्षगांठ मनाई, एईसी का इतिहास 1921 से है, जब बड़ी संख्या में भारतीय सैनिक साक्षर नहीं होते थे

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नई दिल्ली । भारतीय सेना ने आज पहली जून 2021 को आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स (एईसी) की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर, सैन्य शिक्षा के अपर महानिदेशक और एईसी के कर्नल कमांडेंट मेजर जनरल देवेश गौड़ ने सेना की सभी रैंकों की ओर से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया।एईसी का इतिहास 1921 से है, जब बड़ी संख्या में भारतीय सैनिक साक्षर नहीं होते थे। तब से, कई उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं और एईसी को वर्षों से शिक्षा तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से होते विकास के साथ-साथ संगठनात्मक जरूरतों के अनुकूल होते हुए देखा गया है।
सैन्य कोर मानचित्र पढ़ने और समझने का प्रशिक्षण देने, कमीशन पूर्व प्रशिक्षण अकादमियों में शैक्षणिक प्रशिक्षण प्रदान करने, विदेशी भाषाओं में क्षमता विकास करने, सैन्य संगीत, सूचना के अधिकार के मामलों का प्रबंधन और विभिन्न राष्ट्रीय सैन्य स्कूलों तथा सैनिक स्कूलों में युवा मस्तिष्क को आकार देने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। कर्मियों, वार्डों और आश्रितों की सतत शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए इग्नू सेना शिक्षा परियोजना (आईएईपी) तथा भारतीय सेना के लिए एनआईओएस शिक्षा परियोजना (एनईपीआईए) जैसे अनौपचारिक शैक्षिक कार्यक्रमों का कार्यान्वयन कोर द्वारा की गई अन्य उल्लेखनीय पहल हैं। जैसे-जैसे ज्ञान और शिक्षा का क्षेत्र उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ जुड़ता जा रहा है, सैन्य शिक्षा कोर आने वाले समय में उभरती चुनौतियों और संगठनात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

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