Home राष्ट्रीय जजों की नियुक्ति में टकराव, रिटायर्ड जज जस्टिस सोढी का बड़ा बयान,...

जजों की नियुक्ति में टकराव, रिटायर्ड जज जस्टिस सोढी का बड़ा बयान, बोले- मेरे कंधे पर बंदूक रखकर ना चलाई जाए

172
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

नई दिल्ली । जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के बीच जारी टकराव के बीच रिटायर्ड जज जस्टिस आरएस सोढी काफी चर्चा में आ गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरएस सोढ़ी ने सोमवार (23 जनवरी, 2023) को केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को नसीहत देते हुए कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रणाली को लेकर सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रही खींचतान में उनके कंधे पर रखकर बंदूक ना चलाएं।
किरेन रिजिजू द्वारा उनके इंटरव्यू का एक वीडियो शेयर किए जाने के बाद पूर्व जज का यह बयान आया है। एक मीडिया हाउस के साथ बातचीत में सोढी ने कहा कि ये कैसे हो सकता है कि कुछ जज मिलकर ही जजों की नियुक्ति करें। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हो, सचिवालय, कॉलेजियम सिस्टम फेल हुआ। दो- तीन जज मिलकर कैसे तय कर सकते हैं? संसद कानून बनाने में सुप्रीम है, लेकिन कानून का परीक्षण करने में सक्षम है सुप्रीम कोर्ट। जजों की नियुक्ति को लेकर सार्वजनिक आलोचना से बचें संवैधानिक संस्थाएं, इस मामले का बैठकर हल निकालें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here