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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 3 मार्च को बच्चों को स्वर्ण प्राशन, आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्ण प्राशन

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रायपुर । रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 3 मार्च को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय का उद्देश्य केवल बच्चों की बीमारियों का इलाज करना ही नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य की गुणवत्ता को बढ़ाना और उन्हें बीमार होने से बचाना भी है। स्वर्ण प्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है।
डॉ. चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.एस. बघेल, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की आगामी पुष्य नक्षत्र तिथियों 3 मार्च, 29 मार्च, 27 अप्रैल, 24 मई, 20 जून, 18 जुलाई, 14 अगस्त, 10 सितम्बर, 7 अक्टूबर, 4 नवम्बर, 1 दिसम्बर और 29 दिसम्बर को बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा।

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