Home छत्तीसगढ़ नौकरी नहीं तो वोट नहीं, प्रेरक कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

नौकरी नहीं तो वोट नहीं, प्रेरक कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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रायपुर । प्रेरक कर्मचारियों (ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता के लिए लोगों को पढ़ाने वाले) ने नौकरी की मांग करते हुए बूढ़ा तालाब धरना स्थल पहुंचकर राज्य सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना देते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान महानदी के पानी को हाथ में लेकर सौगंध खाई कि यदि राज्य सरकार उन्हें नौकरी नहीं देगी तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।
नौकरी के बाद ही कांग्रेस को वोट
आंदोलन के बीच प्रेरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप द्विवेदी ने पानी लेकर सामूहिक रूप से सभी प्रेरक संघ के लोगों को कसम दिलाई कि नौकरी के बाद ही कांग्रेस को वोट देंगे। अपनी मांग को दोहराते हुए कहा की सरकार को जल्द से जल्द प्रेरकों को शिक्षा और पंचायत विभाग में नौकरी, अन्य सरकारी विभागों की नौकरी में प्रेरकों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए।
दरअसल ये मांग साल 2018 के पहले से उठ रही है। चुनावी साल के पहले कांग्रेस ने इनसे नौकरी देने का वादा किया था, जोकि अब तक अधूरा है। अब फिर एक बार प्रेरक कर्मचारी पूरे प्रदेश में आंदोलन के जरिए मांगें मनवाने की कोशिश में हैं।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस प्रदर्शन में प्रेरक कर्मचारियों ने अपनी मांग रखते हुए प्रशासन को ज्ञापन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके नौकरी पर सरकार का फैसला जल्द नहीं होता तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ 31 मार्च 2018 से अब तक प्रेरकों को 2500 रुपए प्रति माह के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता मिले।

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