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अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग, भारत का साथ देने फिर खुलेआम उतरा अमेरिका, चीन को लताड़ा

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नई दिल्ली । अमेरिका ने एक बार फिर भारत के समर्थन में खुलेआम उतरते हुए चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों के नया नाम देने की कोशिश का विरोध किया। अमेरिका का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। अमेरिका ने कहा है कि हम मानते हैं कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और उसके इलाकों का चीन ओर से नाम बदला जाना पूरी तरह गलत और निंदनीय है। चीन हमेशा अरुणाचल प्रदेश पर दावा जताता रहा है और उसे तवांग नाम से संबोधित करता है। चीन का कहना है कि यह तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा है।
तिब्बत पर भी चीन ने 1959 में अवैध रूप से कब्जा जमा लिया था और बड़ी संख्या में तिब्बती शरणार्थी अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत आ गए थे। वाइट हाउस के प्रेस सचिव कैरीन-जीन पियरे ने कहा, ‘अमेरिका लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानता है। हम सख्ती के साथ इस राज्य के किसी भी इलाके का नाम बदले जाने का विरोध करते हैं।’ उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर से अपने स्टैंड को दोहराते हैं। इससे पहले मंगलवार को चीन के फैसले पर भारत ने सख्त ऐतराज जताया था। भारत ने कहा था कि चीन की ओर से नाम बदले जाने से हालात में कोई चेंज नहीं होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के दुस्साहस पर कहा, ‘हमने ऐसी रिपोर्ट्स देखी हैं। यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने इस तरह की हरकत की है। हम इसे पूरी तरह से नकारते हैं।’ उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। चीन ने तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों के नाम अपनी तरफ से रखे हैं। इससे पहले उसने 2017 और 2021 में भी ऐसी ही हरकत की थी। चीन ने उस दौर में नाम बदले थे, जब पूर्वी लद्दाख की सीमा पर दोनों देशों की सेनाएं डटी हुई थीं और तनाव की स्थिति थी।

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