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अपराधियों के मन में कानून का भय हो, पीड़ितों को त्वरित मिले न्याय, किसान सम्मान निधि में धोखाधड़ी के मामले मे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश, सीतापुर मर्डर केस को लेकर सीएम ने की अप्रसन्नता व्यक्त, जशपुर एसपी शशि मोहन सिंह की सीएम ने थपथपाई पीठ, कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस मे CM ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

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रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि अपराधियों के मन मेें कानून का भय हो, पीड़ितों को त्वरित न्याय मिले। आम जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रहे। बेवजह किसी नागरिक को परेशान न किया जाए। पुलिस का व्यवहार आम नागरिकों के साथ मित्रवत हो। पुलिस थानों का वातावरण ऐसा हो कि आम नागरिक को पुलिस थानों में प्रवेश करते समय सहयोग की उम्मीद हो। वे आज राजधानी के न्यू-सर्किट हाउस में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर एवं एसपी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दंड संहिता को बदल कर न्याय संहिता कर दिया है। इसका जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पुलिस को इन नए कानूनों के अनुरूप कार्य करने के लिए स्वयं को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है, और पिछले वर्षों की तुलना में अपराध की संख्या में कमी आई है।

राज्य में नए सिरे से सोशल पुलिसिंग को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत :
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए सिरे से सोशल पुलिसिंग को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है, इससे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। लोगों को जागरूक करना और उन्हें इस बात का भरोसा दिलाना होगा कि पुलिस उनके साथ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में गौ-तस्करी व नशाखोरी एक बहुत बड़ी समस्या है, इस पर कड़ाई से नियंत्रण सुनिश्चित करते हुए ऐसे मामलों में एंड टू एंड कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के परिवहन एवं बिक्री, जुआ, सट्टा एवं गांजा की तस्करी को रोकने के लिए अभियान चलाकर दोषियों पर विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित करें। समाज में अशांति फैलाने वालों, अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें और उनके खिलाफ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। हत्या जैसे मामले में कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए तथा ऐसे केस में प्राथमिकता से त्वरित गति से कार्यवाही सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधात्मक मामलों में देरी न हो और जिला बदर की कार्रवाई केवल कागजों पर ना हो बल्कि वास्तव में हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब बिक्री की बहुत शिकायत है, जिसमें पुलिस पर संरक्षण के आरोप लगते है, यह बिलकुल नहीं होना चाहिए। अवैध शराब बिक्री पूरी तरह बंद होना चाहिए। कई जगहों में अवैध शराब बिक्री की जांच को लेकर  लोगों में काफी आक्रोश है, इस संबंध में शिकायतें मिलती है कि जांच टीम सही से जांच नहीं कर रही, अधिकारी जांच में उपस्थित नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि में धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर पुलिस रेंज में अपराधों में कमी आई है, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं होते हुए पुलिस की सक्रियता का स्तर और बेहतर करने की जरूरत है। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि दुर्ग पुलिस रेंज को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हत्या और डकैती के मामले 6 महीने में भी नहीं सुलझ पा रहे हैं, ये उचित नहीं है। कई मामलों में आरोपी फरार है, इस पर जल्दी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव पुलिस रेंज में कुछ जगह अच्छे काम हुए हैं, त्रिनेत्र एप और चिटफंड मामलों में अच्छी कार्रवाई हुई है लेकिन सिर्फ इतना पर्याप्त नहीं है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सीट-बेल्ट, हेलमेट पहनने की समझाइश दी जाए। उन्होंने बैठक में आने वाले दिनों में पुलिसिंग को और अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने की दिशा में किए जा सकने वाले उपायों पर चर्चा की।

भूमाफियों पर रखें कड़ी नजर :
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर रेंज की समीक्षा करते हुए राजधानी में पुलिसिंग की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रदेश की राजधानी है और यहां की पुलिसिंग का सर्वाेत्तम स्तर पर होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने रायपुर में भूमाफियाओं द्वारा शासकीय और आम नागरिकों की जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर इस समस्या पर कड़ी नजर रखें और तुरंत कार्रवाई करें।

नशे के खिलाफ अभियान चलाएं :
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीली दवाइयों की बिक्री पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस अवैध व्यापार के इकोसिस्टम को तोड़ना होगा और अपराध की जड़ तक पहुंचकर इसे समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर में स्कूल और कॉलेजों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि युवाओं को इस घातक प्रवृत्ति से बचाया जा सके।

राजधानी में रात्रि गश्त करें :
मुख्यमंत्री ने राजधानी में रात की गश्त को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए पुलिस पेट्रोलिंग को लगातार जारी रखने और संगठित अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे योजना बनाकर अपराध और अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाएं ताकि अपराध पर काबू पाया जा सके और कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सके।

सरगुजा पुलिस रेंज चार राज्यों से जुड़ा, सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अपराधों के नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की आवश्यकता है। समीक्षा के दौरान CM विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के सीतापुर में हुए मर्डर केस को लेकर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कानून व्यवस्था व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहां की जशपुर जिले में पशु तस्करी को लेकर अच्छा काम हुआ है। सीएम ने जशपुर एसपी शशि मोहन सी की जमकर तारीफ की। जशपुर जिले में उड़ीसा से लगने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं नशीले पदार्थों की तस्करी पर भी कड़ी कार्यवाही करने कहां है।

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