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वीडियो : क्या जिला प्रशासन सुंडरू ग्राम पंचायत के उप सरपंच के खिलाफ दर्ज कराएगा FIR? उप सरपंच सह राशन विक्रेता सरकार के नियमों को ताक में रखकर शासकीय उचित मूल्य की दुकान का कर रहा संचालन, पेंटी कॉन्ट्रैक्ट में चल रहा शासकीय उचित मूल्य की दुकान, फूड इंस्पेक्टर के औचक निरीक्षण में हुआ प्रमाणित

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जशपुर। जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील के ग्राम पंचायत सुंडरू में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान को काफी लंबे समय से राशन विक्रेता सरकार के नियमों को ताक में रखकर चला रहा है। सुंडरू ग्राम पंचायत का राशन विक्रेता रवि नारायण यादव सुंडरू ग्राम पंचायत का उप सरपंच भी है। यह राशन विक्रेता शासकीय उचित मूल्य की दुकान सुंडरू को अपने मन मुताबिक संचालित करता है। इस राशन विक्रेता को जब ग्रामीणों को राशन वितरित करना होता है तो बकायदा गांव में मुनादी कराता है। दिसंबर माह के चावल वितरण के लिए आज सुंडरू ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पोकपानी में विक्रेता के द्वारा एक आदमी लगाकर मुनादी कराया गया, कि जिस किसी भी ग्रामीण को यदि राशन लेना है तो वे लोग उचित मूल्य की राशन दुकान पहुंच सकते हैं ।

बताया जाता है सुंडरू ग्राम पंचायत के राशन विक्रेता सह उप सरपंच के पास काफी काम है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राशन विक्रेता सह उप सरपंच रवि नारायण यादव अपने ही ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में सामग्री की भी सप्लाई करता है। यही नहीं उप सरपंच के पास और भी काम है जैसे उनके पास खुद का एक ट्रक भी चलता है, जिसे वह ट्रांसपोर्ट में लगा रखा है यही नहीं मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों का रिपेयरिंग कार्य भी पेटी कॉन्ट्रैक्ट में लेकर काम करता है। हद तो तब हो जाती है जब उप सरपंच के द्वारा पिछले कई वर्षों से रेशम विभाग से सेटिंग कर अपने आप को मजदूर बताकर कलेक्टर दर पर हर माह पैसा भी वेतन के रूप में उठाया है। इसकी अगर जांच हो जाए तो उप सरपंच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है लेकिन जशपुर जिले में ना तो जांच होती है और ना ही कार्यवाही। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीण बताते हैं उप सरपंच रवि नारायण यादव के द्वारा सुंडरू गांव में सड़क किनारे फ्लाइएस ईंट निर्माण का प्लांट भी लग रहा है। ग्रामीण बताते हैं जिस जगह पर प्लांट लगाया जा रहा है वह शासकीय प्लांट है । अब जाहिर सी बात है कि जिस व्यक्ति के पास इतने सारे काम हैं तो वह स्वयं राशन विक्रेता की कुर्सी पर बैठकर राशन का वितरण कैसे करेगा।

उप सरपंच सह राशन विक्रेता शासकीय उचित मूल्य की दुकान को संचालित करने के लिए दो व्यक्तियों को अपने अंडर में रखकर राशन वितरण कराने का काम कराता है। सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक पहले व्यक्ति का नाम बुलु उर्फ वीरेंद्र है वहीं दूसरे व्यक्ति का नाम राकेश है। यह दोनों व्यक्ति राशन विक्रेता रवि नारायण यादव के लिए काम करते हैं। दिसंबर माह का राशन शनिवार से मुनादी कराकर वितरण किया जा रहा है आज सोमवार के दिन उचित मूल्य की दुकान सुंडरू में विक्रेता की कुर्सी पर बुलू उर्फ वीरेंद्र बैठकर ग्रामीणों को राशन बांट रहा था।  सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक आज सोमवार को फरसाबहार फूड इंस्पेक्टर हेमराज भारद्वाज औचक निरीक्षण पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान सुंडरू पहुंचे थे। विक्रेता रवि नारायण यादव की कुर्सी पर बुलू उर्फ वीरेंद्र को देखकर उनकी आंखे फटी की फटी रह गई। फूड इंस्पेक्टर के औचक निरीक्षण से यह तो साबित और प्रमाणित हो जाता है कि रवि नारायण यादव राशन विक्रेता स्वयं राशन न वितरण कर आदमी लगाकर ग्रामीणों को राशन का वितरण कराता है। यही नहीं राशन विक्रेता के द्वारा सरकार के नियमों की खुलकर धज्जियां भी उड़ाई जाती है। क्योंकि राशन विक्रेता के द्वारा सप्ताह के 6 दिन राशन दुकान का संचालन नहीं किया जाता है।

आपको बता दें राशन विक्रेता रवि नारायण यादव एवं पूर्व राशन विक्रेता मरी हुई महिला को जीवित बताकर 1 साल तक राशन का आहरण करते रहे, तत्कालीन फरसाबहार एसडीएम के द्वारा इसकी जांच भी कराई गई थी। जांच में यह प्रमाणित भी हो गई कि विक्रेताओं ने मिलकर मरी हुई महिला का चावल खाया था। लेकिन यहां तो सेटिंग का खेल है जिसके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए उसके खिलाफ कार्यवाही ही नहीं हुई। यहां तक की आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तपकरा थाने में FIR भी विभाग के द्वारा दर्ज नहीं कराई गई। हद तो तब हो गई तब तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर अलाउद्दीन खान ने रवि नारायण यादव को विक्रेता तक नहीं बताया। जबकि उस दौरान रवि नारायण यादव भी राशन विक्रेता था।

अब देखना होगा इस प्रमाणित समाचार के प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन उप सरपंच सह राशन विक्रेता रवि नारायण यादव के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराती है या नहीं।

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