Home छत्तीसगढ़ आदर्श आचार संहिता लागू, इस ….. प्रकार की सूचना मिलने पर थाना...

आदर्श आचार संहिता लागू, इस ….. प्रकार की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी को संबंधित के खिलाफ तत्काल करना होगा FIR, पढ़िए पूरी खबर

851
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

जशपुर । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी 2025 को नगरीय निकाय व त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 के लिये कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो चुकी है। निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिये शासकीय-अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर चुनाव प्रचार से संबंधित झंडिया लगाई जाती है, जिसके कारण शासकीय-अशासकीय संपत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है।

जिस हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपया तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, संपत्ति विरूपण के संदर्भ में राज्य में प्रचलित विधि के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्यवाही किया जाना है। उन्होंने एतद द्वारा निर्देश है कि छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों का कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाये। संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों द्वारा भवन स्वामी की सहमति के बिना भवनों की दीवालों पर किसी भी प्रकार के नारे लिख कर विकृत किया जाता है, तो ऐसे कृत्यों के निवारण के लिये एक टीम तत्काल प्रभाव से गठित की जाये। इस टीम में नगरीय निकाय नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत लोक निर्माण विभाग तथा राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी -कर्मचारियों को सम्मिलित किया जाये। आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में टीम गठित कर जिला निर्वाचन कार्यालय जशपुर को अवगत करावे। टीम गठित करने का कार्य नगर पालिका एवं शेष नगरीय पंचायत क्षेत्र में संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी, शेष नगरीय निकायो मे संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-2025 अंतर्गत जनपद पंचायतों में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा समन्वय के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के क्रियान्वयन हेतु दल गठित किया जाये एवं प्रभावशील कार्यवाही किया जाये। टीम सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को, संपत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्व स्वरूप में लायेगी तथा टीम द्वारा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफ. आई. आर. दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी। यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लडने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो, निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा, एवं सम्बंधित थाना प्रभारी प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जायेगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार-प्रसार के लिये नहीं किया जायेगा।

थाना प्रभारी द्वारा संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर विवेचना प्रारभ्भ की जाएगी। संबंधित टीम शिकायत या उन्हें प्राप्त संपत्ति विरूपण के प्रकरणों को पृथक पंजी में दर्ज करेगी एवं विरूपित संपत्ति की फोटोग्राफी विडियोग्राफी कराते हुए निर्वाचन व्यय दल को अवगत कराएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here