Home राष्ट्रीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु झारखंड के गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह-कार्तिक...

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु झारखंड के गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह-कार्तिक जतरा में हुईं शामिल

473
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज झारखंड के गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह – कार्तिक जतरा में भाग लिया और इसे संबोधित किया।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्म और कर्मभूमि झारखंड की यात्रा उनके लिए तीर्थयात्रा के समान है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सामाजिक न्याय और आदिवासी गौरव के महान प्रतीक के रूप में हम सब के श्रद्धा के स्रोत हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पंखराज साहब कार्तिक ओरांव ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों के अनुरूप जनजातीय चेतना और पहचान को समृद्ध बनाया तथा अपना जीवन आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। कार्तिक ओरांव जी शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें कार्तिक ओरांव जी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज और देश के समग्र विकास के लिए काम करने का संकल्प लेना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह क्षेत्र कई महान आदिवासी नायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी संग्रहालयों की स्थापना द्वारा देश के लोगों को उनकी वीरतापूर्ण प्रेरक गाथाओं से परिचित कराने के प्रयास कर रही है। लेकिन, आदिवासी समुदाय की विरासत से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और संस्था का भी दायित्व है कि वे इस क्षेत्र और अन्य सभी क्षेत्रों के महान आदिवासी नायकों के योगदान को देश के युवाओं और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाएं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदायों की परंपराओं से युवाओं और भावी पीढ़ियों को जोड़ना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को अपनी आदिवासी विरासत और पहचान संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ना चाहिए। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि आदिवासी समुदाय के सभी सदस्य अपनी विरासत संरक्षित रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here