जशपुर। जशपुर जिले से बड़ी खबर है। दहेज के भूखे पति ने गर्भवती पत्नी के पेट में लात मार दिया था जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे का फेफड़ा फट गया जिससे जन्म के 1 महीने बाद ही नवजात शिशु की मौत हो गई। जशपुर जिले के लोदाम की रहने वाली प्रीति सोनी ने लोदाम थाने में सास, ससुर एवं पति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 498-A, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कराया है । लोदाम पुलिस से मिली जानकारी मुताबिक फिलहाल पति जितेन्द्र सोनी , ससुर गणेश साव एवं सास बसंती देवी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
लोदाम की रहने वाली प्रीति सोनी ने अपने लिखित आवेदन के माध्यम से प्रधान थाना को बताया है कि मैं प्रीति सोनी पति जितेन्द्र सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी गर्रीखुर्द थाना केरेडारी जिला हजारीबाग (झारखंड) हाल मुकाम ग्राम लोदाम थाना लोदाम जिला जशपुर (छ0ग0) की निवासी हूं, मुझे मेरे पति जितेन्द्र सोनी, ससुर गणेश साव एवं सास बसंती देवी के द्वारा दहेज की मांग को लेकर मेरे साथ हमेशा गंदी गंदी गाली गलौज व मारपीट कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे हैं। मेरा विवाह दिनांक 28.11.2023 को जितेन्द्र सोनी ग्राम गर्रीखुर्द थाना केरेडारी जिला हजारीबाग (झारखंड) के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ सम्पन्न हुई थी, शादी के कुछ दिन बाद से ही मेरे पति- जितेन्द्र सोनी व सास- बसंती देवी ससुर-गणेश साव के द्वारा मुझसे दहेज में पांच लाख रूपये की मांग करने लगे, इस बात को मैं अपने मायके वालों को बताई और मेरे मायके पक्ष के द्वारा दहेज का रकम देने में असमर्थता व्यक्त किये इस बात की जानकारी मेरे पति व सास- ससुर को होने पर दहेज का रकम की मांग को लेकर अक्सर मुझे गंदी गंदी गाली गलौज कर मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे, घटना की बात को मेरे भाई व बगल में रहने वाले मेरी चाची सास व उनकी बेटियों को भी बतायी थी, लगभग 8 घंटे बाद मेरे छोटे भाई रितिक सोनी व रितेश सोनी मेरे ससुराल आये और मेरे ससुराल वालों से बात चीत कर दहेज की रकम पांच लाख रूपये देने में असमर्थता व्यक्त किये तथा माफी मांग कर मुझे अपने साथ लोदाम लेकर आ गये। कुछ दिन बाद दिनांक 27.05.2024 के दिन करीब 11.00 बजे मेरे पति अपने दो साथियों के साथ स्विफ्ट कार में मेरे मायके लोदाम आये, मैं किचन में पानी लेने गई तब मेरे पति मेरे पीछे से आकर मेरा बाल पकड़कर गंदी गंदी गाली गलौज करते मारपीट किया व कहने लगा कि नगद पांच लाख रूपये लेने आया हूं और तुमको भी लेकर जाउंगा, पैसा नहीं दोगे तो तुम मेरे साथ नहीं जाओगे तो तुमको और तुम्हारी मां को जान से मारकर भाग जाउंगा इसलिए दो लड़को को साथ में लेकर आया हूं।
उसके बाद मुझे मना बुझाकर अपने साथ ससुराल लेकर चला गया, घटना की बात को मैं अपने मायके वालों को डर से नहीं बता पायी थी। कुछ दिन बीतने के बाद पुनः मेरा पति उसी बात को लेकर गंदी-गंदी गाली गलौज देकर मारपीट कर प्रताड़ित करने लगा, जिसकी रिपोर्ट थाना केरेडारी में की थी और घटना की बात अपने भाईयों को फोन के द्वारा बताने पर मेरे मायके वाले मुझे लेने ससुराल आये, उनको देखकर मेरा पति व सास ससुर गाली गलौज व धक्का मुक्की मारपीट करते हुए पांच लाख रूपये दोगे तभी लड़की को साथ में लेकर घर जाओगे कहकर घर से भगा दिये, घटना को मोबाईल फोन के माध्यम से वीडियो बनाया गया है तथा दोनों पक्षों में जो बात होती थी उसका भी रिकार्डिंग किया गया है, उसके बाद मैं तथा मेरे मायके पक्ष के द्वारा केरेडारी थाना में पुनः रिपोर्ट किये थे, उसके बाद दिनांक 29.07.2024 को गोपनीय शाखा पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को शिकायत किये व अपने मायके वालों के साथ लोदाम में आकर रहने लगी। दिनांक 04.09.2024 को थाना लोदाम के द्वारा मेरे मायके पक्ष को लोदाम बुलवाया गया, थाना लोदाम में माफी मांगे तथा पुलिस के सामने मेरे ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग नहीं करेंगे अच्छे से रखेंगे कहकर माफी मांगे थे, और मुझे पुनः मेरे पति अपने साथ ससुराल लेकर चले गये, इसके बाद मेरे पति मुझे किराये के मकान में रखकर शराब पीकर मुझे दहेज की बात को लेकर मेरे साथ मारपीट व प्रताड़ित करते थे, कुछ दिन बाद मेरे पति मुझे वहां से ग्राम सिरसी जिला हजारीबाग लेकर किराये के मकान में रखे थे और जरूरत की सामग्री लाकर मुझे नहीं देते थे तथा शराब पीकर गाली गलौज कर मारपीट करते थे, इस दौरान मैं गर्भवती थी, मेरे पति से जरूरत की सामान मांगने पर मुझे अपने मायके से पैसा मंगाकर समान की पूर्ति व अपना ईलाज कराओ कहने पर मैं मेरे भाई रितिक से 10,000 रूपये मंगाकर प्रीति रानी क्लिनिक हजारीबाग में ईलाज करायी। दिनांक 05.07.2025 को सुबह करीब 09.00 बजे मेरे पति पुनः दहेज की रकम मांगने का दबाव डालने लगा, मेर द्वारा असमर्थता व्यक्त करने पर मुझे मारपीट करने लगा और बोला कि तुम्हारा पालन पोषण नहीं करूंगा तुम अपने मायके भागो या मर जाओ कहते हुए गंदी गंदी गाली गलौज करते हुए मेरा बाल को पकड़कर दीवाल में पटक दिया जिससे मेरा सिर फट गया और पेट में जोर से लात मार दिया, उक्त घटना की जानकारी मेरे माता पिता को फोन के माध्यम से देने पर उसी दिन लगभग 01.00 बजे तत्काल हजारीबाग पहुंचकर अस्पताल लेकर ईलाज कराये, ईलाज के दौरान थाना कटकमदाग जिला हजारीबाग में लिखित आवेदन पेश कर शिकायत दर्ज कराये, और मैं अपने मायके वालों के साथ लोदाम आ गई, मुझे पेट में दर्द होने से ईलाज हेतु कुनकुरी होलीक्रास अस्पताल में लेकर गये, जहां पर डाक्टर द्वारा बताया गया कि पेट में चोट लगने के कारण बच्चे का हालत नाजुक है व पानी की कमी है, डाक्टर के सलाह से तत्काल अम्बिकापुर अस्पताल लेकर गये जहां डाक्टरों की सलाह से बेहत्तर ईलाज हेतु नागरमल मोदी सेवा सदन रांची लेकर कुछ महिने तक ईलाज कराये तथा पुनः दिनांक 02.11.2025 को ईलज हेतु भर्ती किये, जहां मैं एक लड़के बच्चे को जन्म दी, इसकी जानकारी मेरे मायके पक्ष के द्वारा मेरे ससुराल पक्ष को फोन के माध्यम से जानकारी दिया गया, मेरे ससुराल पक्ष के द्वारा कहा गया कि जब तक पांच लाख रूपये दहेज में नहीं दोगे तब तक अपनी बेटी और बच्चे को अपने पास रखो, मेरे पति द्वारा पेट में लात मारने से बच्चे के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ा और बच्चे को स्वांस लेने में दिक्कत होने लगी तब मेरे मायके पक्ष के द्वारा मेरे बच्चे को मोदी सेवा सदन अस्पताल से आन्वी न्यू बार्न चाईल्ड अस्पताल रांची लेकर गये, जहां डाक्टरों ने बताया कि बच्चे का फेफड़ा फटा हुआ है, इसे वेंटीलेटर में रखकर ईलाज करना पड़ेगा, हमलोग बच्चे का ईलाज कराने लगे इसकी भी जानकारी मेरे ससुराल पक्ष वालों को दिये थे, लगभग एक माह दस दिन तक बच्चे का ईलाज दौरान दिनांक 10.12.2025 को मृत्यु हो गई, बच्चे की मृत्यु की जानकारी ससुराल पक्ष वालों को दिये, तब ससुराल पक्ष वालों के द्वारा कहा गया कि तुम लोगों से कोई लेना देना नहीं है हम लोग अपने बेटे का शादी दूसरी लड़की से करेंगे, तुम लोगों को जो करना है, करो यह बात सुनकर मुझे बहुत दुख लगा। मेरे मायके पक्ष के लोगों के द्वारा बच्चे का शव को रांची मुक्तिधाम में कफन दफन कर मायके ग्राम लोदाम आ गये।



