दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय
के पी.एच.डी. शोधार्थियों से फीस के रूप में फर्जी रसीद देकर नकद राशि लेकर गबन करने वाले आरोपी को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया था जहां न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई में पी.एच.डी. पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क के नाम पर धोखाधड़ी एवं जालसाजी किए जाने की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्राप्त हुई। शिकायत पर विश्वविद्यालय स्तर पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच में कुल ₹9,44,500/- ( नौ लाख चौवालीस हजार पांच सौ रुपये) की राशि का गबन पाया गया।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि विश्वविद्यालय की पी.एच.डी. शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद द्वारा शोधार्थियों से नकद राशि लेकर फर्जी फीस रसीदें जारी की गईं। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 062/2026 धारा 316(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी का मेमोरण्डम कथन लेकर जब्ती कार्यवाही की गई तथा आज दिनांक 09.02.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया।
आरोपी सुनील कुमार प्रसाद, उम्र 38 वर्ष, एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा, थाना नेवई, जिला दुर्ग का रहने वाला है।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।



