रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाटागांव बस स्टैंड से सवारी बस की चोरी का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस को हजारों सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेज खंगालने पड़े। आरोपी के खिलाफ थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत पंजीबद्ध किया गया है।
बस मालिक अब्दुल अलीम ने थाना टिकरापारा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह डुमतराई, रायपुर में रहता है तथा बस ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है। बस क्रमांक सी जी 07 ई 0782 का संचालन एवं देखरेख का कार्य स्वयं के द्वारा किया जाता है। दिनांक 06.03.2026 को शाम करीब 07ः30 बजे बस का चालक नया बस स्टैंड भाठागांव में उक्त बस को खड़ी कर बस की चाबी चालक सीट के नीचे रखकर रात में सोने के लिए अपने घर चला गया। दूसरे दिन 07.03.2026 को सुबह करीब 08ः00 बजे चालक ने बस मालिक को फोन कर बताया कि बस खड़ी किए गए स्थान पर नहीं है। इस पर बस मालिक के द्वारा नया बस स्टैंड भाठागांव पहुंचकर बस की तलाश किया, लेकिन बस नहीं मिली। बस मालिक की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 197/2026 धारा 305 बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम का गठन कर तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की गई। टीम द्वारा सर्वप्रथम घटनास्थल पहुंचकर स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात प्रार्थी, बस के चालक सहित आसपास के दुकानदारों, बस स्टैंड में कार्यरत कर्मचारियों एवं अन्य लोगों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई तथा अज्ञात आरोपी की पतासाजी प्रारंभ की गई।
टीम द्वारा घटनास्थल तथा उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का बारीकी से अवलोकन किया गया। फुटेज के विश्लेषण में यह पाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा बस को स्वयं चलाते हुए वहां से ले जाया गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी द्वारा भागने के संभावित मार्गों का पता लगाने के लिए क्रमबद्ध तरीके से उन सभी मार्गों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अध्ययन किया, जिन मार्गों से बस को ले जाया जा रहा था। साथ ही बस में लगे फास्टैग के आधार पर विभिन्न टोल प्लाजा से भी बस के आवागमन संबंधी जानकारी एकत्र की गई। इस दौरान तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण तथा संभावित मार्गों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का क्रमबद्ध तरीके से पता लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण, स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं मुखबिर सक्रिय कर आरोपी की तलाश की जा रही थी।
इसी दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई जिसके आधार पर आरोपी की पहचान मनबोध रात्रे उर्फ टेटू निवासी गेवरा बस्ती जिला कोरबा के रूप में की गई। सघन पतासाजी एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम को जिला जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तरौंद में आरोपी के होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर तत्काल घेराबंदी कर आरोपी मनबोध रात्रे उर्फ टेटू को पकड़ने में सफलता प्राप्त की गई।
पूछताछ करने पर आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नया बस स्टैंड भाठागांव में हेल्पर का कार्य करता है तथा बस स्टैंड में आने-जाने वाली बसों की गतिविधियों से परिचित है। दिनांक घटना के समय उसने देखा कि संबंधित बस में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था तथा बस की चाबी चालक सीट के नीचे रखी हुई थी। मौके का फायदा उठाकर उसने बस की चाबी उठाई और बस को स्वयं चलाते हुए वहां से चोरी कर ले गया। प्रकरण में आरोपी मनबोध रात्रे उर्फ टेटू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की बस क्रमांक सी जी 07 ई 0782 जब्त कर आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही किया गया। गिरफ्तार आरोपी -मनबोध रात्रे उर्फ टेटू पिता लक्ष्मी नारायण रात्रे उम्र 24 साल गेवरा बस्ती थाना कुसमुण्डा जिला कोरबा (छ.ग.) का रहने वाला है।



