जशपुर। भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत जशपुर जिले में प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह राष्ट्रीय अभियान केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य के विकास की मजबूत नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनगणना के माध्यम से यह समझने में सहायता मिलती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किस स्तर तक पहुंच रहा है तथा भविष्य की योजनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक आधारभूत जानकारी उपलब्ध होती है। भारत की जनगणना-2027 का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा।

प्रथम चरण के दौरान तैयार की गई मकानसूची भविष्य में होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगी, जिससे कोई भी मकान अथवा परिवार गणना से वंचित न रह जाए। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन पर जिले के समस्त नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान में जिलेवासियों का सहयोग सराहनीय रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले जनसंख्या गणना के द्वितीय चरण में भी नागरिक इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अभियान को सफल बनाएंगे।
प्रथम चरण के दौरान जशपुर जिले के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 बिंदुओं पर आधारित जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से संकलित की गई। इनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, आधारभूत संरचना, पेयजल, बिजली, संचार सुविधाएं तथा परिवारों की परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी शामिल रही। संकलित समस्त आंकड़ों को सुरक्षित रूप से भारत सरकार के सर्वर में संरक्षित कर लिया गया है। जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य जिले की सभी 11 तहसीलों एवं 5 नगरीय निकायों में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया। जिले के प्रत्येक गांव और शहरी क्षेत्र को पूर्ण रूप से कवर किया गया तथा कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से अछूता नहीं रहा। सर्वेक्षण के दौरान जिलेवासियों का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत नागरिकों द्वारा प्रदान की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण, विकास योजनाओं के निर्धारण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्धारित समय पर इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा।
जशपुर जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के संचालन हेतु 11 ग्रामीण चार्ज एवं 5 नगरीय चार्ज बनाए गए थे। इन चार्जों के अंतर्गत कुल 1593 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक गठित किए गए। इस व्यापक कार्य के लिए जिले में कुल 1842 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें प्रमुख जनगणना अधिकारी (जिला कलेक्टर), 16 चार्ज अधिकारी, 2 मास्टर ट्रेनर, 35 फील्ड ट्रेनर, 1532 प्रगणक एवं 258 पर्यवेक्षक शामिल रहे।



