Home छत्तीसगढ़ खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर पीतल का हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय...

खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर पीतल का हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी शंभू राय सहित 02 महिला आरोपी गिरफ्तार

61
0
IMG-20260126-WA0014
IMG-20260126-WA0011
IMG-20260126-WA0010
IMG-20260126-WA0012
IMG-20260126-WA0013
IMG-20260126-WA0015
IMG-20260126-WA0016
IMG-20260126-WA0017
IMG-20260126-WA0018
IMG-20260126-WA0019
IMG-20260126-WA0020
IMG-20260126-WA0021
IMG-20260126-WA0022
IMG-20260126-WA0023
IMG-20260126-WA0024
IMG-20260126-WA0025
IMG-20260126-WA0026
IMG-20260126-WA0027
IMG-20260126-WA0028
IMG-20260126-WA0029
IMG-20260126-WA0014 IMG-20260126-WA0011 IMG-20260126-WA0010 IMG-20260126-WA0012 IMG-20260126-WA0013 IMG-20260126-WA0015 IMG-20260126-WA0016 IMG-20260126-WA0017 IMG-20260126-WA0018 IMG-20260126-WA0019 IMG-20260126-WA0020 IMG-20260126-WA0021 IMG-20260126-WA0022 IMG-20260126-WA0023 IMG-20260126-WA0024 IMG-20260126-WA0025 IMG-20260126-WA0026 IMG-20260126-WA0027 IMG-20260126-WA0028 IMG-20260126-WA0029

रायपुर। खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर पीतल का हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले का मुख्य आरोपी शंभू राय सहित 02 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रार्थी महेश कानस्कर ने थाना न्यू राजेन्द्र नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 18.01.2026 को कलर्स मॉल के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को दिहाड़ी मजदूर बताते हुए पुराने सिक्के एवं खुदाई में मिला सोने का हार होने की बात कही तथा बहन की शादी का हवाला देकर हार खरीदने का आग्रह किया। कुछ दिनों बाद आरोपी अपनी कथित मां के साथ प्रार्थी से मिला और हार की एक लड़ी से चार टुकड़े देकर उनकी जांच कराई, जो असली सोना पाए गए। इस पर दोनों ने आर्थिक मजबूरी बताकर पूरा हार बेचने का प्रस्ताव दिया। दिनांक 05.02.2026 को पचपेड़ी नाका में मुलाकात के दौरान आरोपी एवं उसकी मां ने वही हार दिखाया, जिस पर विश्वास कर प्रार्थी ने 2,50,000 नगद दे दिए। बाद में सराफा बाजार में हार की जांच कराने पर वह पूरी तरह नकली एवं तांबे का निकला। इसके बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया तथा काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। इस प्रकार आरोपी एवं उसकी साथी महिला ने असली सोने का हार बताकर नकली हार देकर प्रार्थी से 2,50,000 रूपये की धोखाधड़ी की। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 92/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

इसी प्रकार दूसरे मामले मे प्रार्थी यश मोटवानी ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 01.06.2026 को उसकी मोबाइल एसेसरीज दुकान में एक व्यक्ति पुराना सिक्का दिखाकर चला गया तथा बाद में मोबाइल पर संपर्क कर खुदाई में मिला सोने का हार बेचने की बात कही। अगले दिन आरोपी अपने दो साथियों के साथ तेलीबांधा ओवरब्रिज के नीचे मिला और हार का एक टुकड़ा जांच के लिए दिया, जो ज्वेलर्स द्वारा असली सोना बताया गया। इस पर आरोपियों ने हार का सौदा 15 लाख में किया, जो बाद में 10 लाख में तय हुआ। दिनांक 03.06.2026 को जोरा ओवरब्रिज के पास आरोपियों ने हार दिखाया। प्रार्थी ने हार के दो टुकड़ों की जांच कराई, जिन्हें असली सोना बताए जाने पर आरोपियों को 10 लाख नगद देकर हार खरीद लिया। बाद में अन्य ज्वेलर्स से जांच कराने पर पूरा हार पीतल का निकला। इस प्रकार मोबाईल फोन के धारक आरोपी गोपाल प्रजापति एवं उसके साथियों ने सोने का हार बताकर पीतल का हार बेचते हुए प्रार्थी से 10 लाख की धोखाधड़ी की। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 249/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

इसी प्रकार तीसरे मामले में प्रार्थी धवल बडोदरिया ने थाना डी.डी. नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके मित्र नमन अग्रवाल के माध्यम से राजेश प्रजापति नामक व्यक्ति से परिचय हुआ, जिसने खुदाई में मिला लगभग 2 किलो वजनी सोने का हार दिखाकर बेचने की बात कही। आरोपी द्वारा हार का एक टुकड़ा जांच के लिए दिया गया, जो असली सोना पाया गया। इसके बाद आरोपी एवं उसकी मां से सौदा तय हुआ। दिनांक 23.06.2026 को रायपुरा चौक के पास आरोपी एवं उसकी मां से मुलाकात हुई, जहां प्रार्थी ने 10 लाख नगद देकर सोने का हार खरीद लिया। बाद में हार की विभिन्न ज्वेलर्स से जांच कराने पर वह नकली निकला। इस प्रकार आरोपी राजेश प्रजापति एवं उसकी मां ने असली सोने का हार बताकर नकली हार बेचते हुए प्रार्थी से 10 लाख की धोखाधड़ी की। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी.नगर में अपराध क्रमांक 390/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

उक्त घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) श्री रॉबिन्सन गुरिया एवं पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल द्वारा संबंधित अधिकारियों, एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा संबंधित थाना प्रभारियों को अज्ञात आरोपियों की तत्काल पतासाजी कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट एवं संबंधित थाना पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा प्रकरणों का पुनः सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए सभी प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ की गई तथा आरोपियों के हुलिए, गतिविधियों एवं वारदात के दौरान अपनाए गए तरीके के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की गई। साथ ही घटनास्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का गहन परीक्षण किया गया।

जांच के दौरान तीनों घटनाओं में आरोपियों द्वारा अपनाया गया तरीका, बातचीत का तरीका, स्वयं को मजदूर बताना, खुदाई में सोने के आभूषण मिलने की कहानी बताना, असली सोने का छोटा नमूना देकर विश्वास अर्जित करना तथा बाद में पीतल के आभूषण को सोने का बताकर बेचना सभी घटनाओं में एक समान पाया गया। इस आधार पर टीम ने निष्कर्ष निकाला कि तीनों घटनाओं को एक ही संगठित गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है।

इसके पश्चात आरोपियों द्वारा प्रार्थियों से संपर्क करने में उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर विभिन्न माध्यमों से लगातार जानकारी एकत्रित की गई। तकनीकी साक्ष्यों एवं सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान स्थापित करते हुए उनके महाराष्ट्र के मुंबई शहर में होने की पुष्टि की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिस टीम को तत्काल मुंबई रवाना किया गया। टीम द्वारा मुंबई पहुंचकर लगातार निगरानी एवं पतासाजी की गई, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य आरोपी शंभू राय सहित दो महिला आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी शंभू राय ने बताया कि गीता गुजराती उसकी रिश्ते में चाची है तथा शांति गुजराती उसके मोहल्ले की परिचित महिला है। दोनों महिलाओं को वह अलग-अलग मामलों में अपनी मां अथवा अन्य रिश्तेदार बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए साथ ले जाता था तथा उनके माध्यम से धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता था।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इसी प्रकार का गिरोह बनाकर देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते रहे हैं। पूछताछ में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में एक दर्जन से अधिक धोखाधड़ी की घटनाएं करना स्वीकार किया है, जिनमें करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। अब तक किसी भी प्रकरण में आरोपियों गिरफ्तारी नहीं हुई थी तथा वे लगातार स्थान बदलकर पुलिस से बचते रहे।

आरोपियों की गतिविधियां देश के अनेक राज्यों में पाई गई हैं। इस संबंध में संबंधित राज्यों एवं जिलों की पुलिस से संपर्क स्थापित कर आरोपियों की जानकारी साझा की जा रही है। जिन-जिन राज्यों एवं जिलों में इनके द्वारा धोखाधड़ी की घटनाएं कारित की गई हैं, वहां की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही एवं गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों के संबंध में भी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच में जिन अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता प्रकाश में आएगी, उनके विरुद्ध भी कार्यवाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी रकम 09 लाख रूपये, चांदी का 12 नग सिक्का, पीतल के विभिन्न आभूषण तथा घटनाओं में प्रयुक्त 04 नग मोबाईल फोन जब्त करने के साथ ही आरोपी शंभू राय के चार अलग-अलग फर्जी आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं । जिसके संबंध में पुलिस जाँच कर रही है l

ये हैं गिरफ्तार आरोपी –
शंभू राय पिता कन्हैया लाल राय उम्र 36 साल निवासी केनाल पटरी केशव नगर रेलवे फाटक थाना गोविंदपुर जिला कानपुर नगर (उ.प्र.)।

गीता गुजराती पति स्व. दौलत राम उम्र लगभग 40 वर्ष, निवासी केनाल पटरी केशव नगर, रेलवे फाटक, थाना गोविंदपुर, जिला कानपुर नगर (उ.प्र.)।

शांति गुजराती पति शंकर लाल गुजराती उम्र 35 साल निवासी केनाल पटरी केशव नगर, रेलवे फाटक, थाना गोविंदपुर, जिला कानपुर नगर (उ.प्र.)।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here