जशपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम में शुक्रवार रात के लगभग 9:00 बजे एक बच्ची के गुम होने का समाचार प्रकाशित होने के बाद तपकरा पुलिस हरकत में आई और महज 2 घंटे के भीतर ही बच्ची को ढूंढ कर बच्ची के माता-पिता को रात के लगभग 11:00 बजे सुपुर्द कर दिया।
12 वर्ष की बच्ची के गुम हो जाने के बाद से ही बच्ची के माता-पिता बच्ची को लेकर काफी परेशान थे । शुक्रवार रात लगभग 7:15 पर बच्ची के पिता रंजन यादव गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाने के लिए लिखित आवेदन लेकर थाना गए थे, जब बच्ची के पिता रंजन यादव थाना प्रभारी संदीप कौशिक और मुंशी श्री राम नायक को आवेदन देना चाहे तो उन्होंने यह कहकर थाना से भगा दिया था कि यदि अभी मैं बच्ची की गुमशुदगी रिपोर्ट लिखता हूं तो आपको दो से तीन बार अंबिकापुर जाना पड़ेगा आप परेशान हो जाओगे ,अच्छा यही होगा कि आप खुद ही बच्ची को ढूंढ लो। 12 साल की बच्ची के गुम होने का मामला काफी संवेदनशील है इसके बावजूद एक थाना प्रभारी के द्वारा इस तरह का सलाह देना पुलिस की संवेदनशीलता पर कई सवाल खड़े करते हैं।
इंस्पेक्टर संदीप कौशिक की पोस्टिंग तपकरा थाने में 9 मार्च 2025 को हुई है काफी लंबे समय से तपकरा थाने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं । इनके कार्यकाल में चोरी की भी घटनाएं बढ़ी है। चोरी के प्रकरणो में अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है । यही नहीं इनके कार्यकाल में यह देखा जा रहा है कि जब भी कोई फरियादी थाने में आवेदन लेकर पहुंचता है तो उसे आवेदन पर पावती तक नहीं दिया जाता है, भगा दिया जाता है। इसके बावजूद जिले के एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह इनके खिलाफ में किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। कार्यवाही नहीं होने की वजह से तपकरा थाना प्रभारी संदीप कौशिक के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक पुलिस के दो-तीन कर्मचारी बच्ची के निवास स्थल साजबहार पंचायत के आश्रित ग्राम कटंगकाली रात के 11:00 बजे पहुंचे थे बच्ची को सुपुर्द कर दिए थे लेकिन बच्ची अपने माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दी जिसके बाद पुलिस वाले तपकरा से 70 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जशपुर में संचालित खुला आश्रय ग्रह वसुंधरा में आज सवेरे शिफ्ट कराए हैं।



