जशपुर। जशपुर जिले से बड़ी खबर है। फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन को कलेक्टर रोहित व्यास ने जिला पंचायत जशपुर में संलग्न कर दिया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन पर आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उन पर लगाए गए आरोप प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार दुर्गेश देवांगन को फरसाबहार से हटाने के बाद व्याख्याता चुन्नू राम भगत को नियम विरुद्ध तीसरी बार विकासखंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व सौंपा जा रहा है। व्याख्याता चुन्नू राम भगत पहले भी फरसाबहार विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर रह चुके हैं। यह इनका दूसरा कार्यकाल होगा। इसके अलावा व्याख्याता चुन्नू राम भगत वर्ष 2024 में कुनकुरी विकासखंड का भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व संभाल चुके हैं। इस प्रकार से व्याख्याता चुन्नू राम भगत तीसरी बार फरसाबहार के विकासखंड शिक्षा अधिकारी की कुर्सी संभालेंगे।
सहायक शिक्षक फेडरेशन के द्वारा 5 अगस्त 2026 को कलेक्टर रोहित विकास को फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन के खिलाफ शिकायत पत्र सौंपा गया था। फेडरेशन ने अपने शिकायत पत्र में कलेक्टर को अवगत कराया था कि फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन शिक्षकों का आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। फेडरेशन ने कलेक्टर को शिकायत पत्र में बताया था कि फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन स्कूलों में निरीक्षण के नाम पर पहुंचते हैं और छोटी-छोटी गलतियों को आधार बनाकर शिक्षकों से मोटी रकम की मांग करते हैं। शिक्षकों से 20000 से लेकर ₹100000 तक की वसूली की गई थी। फेडरेशन के द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने 16 अगस्त 2026 को शिकायत जांच के लिए एक जांच कमेटी बनाई थी जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार को अध्यक्ष एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सदस्य व अजय सिन्हा, लेखा अधिकारी जिला पंचायत को सदस्य बनाया गया था। कलेक्टर ने सात दिवस के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे लेकिन जांच टीम ने 8 सितंबर 2026 को जांच प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष पेश किया है जिसके बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने आज 9 सितंबर 2026 को रात के 8:02 पर एक आदेश निकालकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन को फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद से हटाकर जिला पंचायत जशपुर में संलग्न कर दिया है।
कलेक्टर को दिए गए शिकायत के मुताबिक फरसाबहार विकासखंड के कुल नौ शिक्षक हैं जिनसे विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन ने निलंबित करने, कारण बताओं नोटिस की धमकी देने व वित्तीय अनियमित के मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली की गई है।
पीड़ित शिक्षकों के मुताबिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन ने जीतन राम मांझी प्रधान पाठक मिडिल स्कूल खारीबहार से ₹100000, निष्कलंका तिर्की प्रधान पाठिका से ₹80000, सिप्रियन लकड़ा शिक्षक से ₹80000 , सुमित्रा पैंकरा प्रधान पाठक मिडिल स्कूल भगोरा से एक लाख रुपये, चंदन राम बैगा, प्रधान पाठक से ₹20000, मिडिल स्कूल तुबा की प्रधान पाठिका सुचिता तिग्गा से 75 हजार रुपए, बोध राम सिदार सहायक शिक्षक से ₹60000, समसोन लड़का मिडिल स्कूल बाबुसाजबहार से ₹50000, हेमरोन कुजूर प्राथमिक शाला खैराडीपा से ₹100000 की अवैध वसूली की गई है।
इस गंभीर मामले में शिकायत के बाद जांच की गई और जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं उसके बावजूद विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार दुर्गेश देवांगन को केवल फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद से हटाकर जिला पंचायत जशपुर में संलग्न किया गया है जबकि यह एक प्रकार का आपराधिक मामला है इस मामले में अधिकारी के खिलाफ सीधे थाने में FIR होनी चाहिए, ऐसा जानकार बताते हैं।
आपको बता दें वर्ष 2024 में प्रभारी BEO का डिमोशन कर प्रभारी प्रिंसिपल को BEO की कुर्सी पर बैठा दिया गया था। जशपुर जिले में जुगाड़ तंत्र का बोलबाला है। वर्ष 2024 में व्याख्याता चुन्नू राम भगत को जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड का विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त कर दिया गया था। जशपुर जिले में हाई कोर्ट के निर्देश का भी पालन नहीं हो रहा है।
तत्कालीन कलेक्टर डॉक्टर रवी मित्तल ने 22 अगस्त 2024 को आदेश जारी कर व्याख्याता चुन्नू राम भगत को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुनकुरी के पद पर पदस्थ कर दिया था। साल 2024 में व्याख्याता चुन्नू राम भगत फरसाबहार विकासखंड के शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल तपकरा में प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ थे वहीं सीताराम साव कुनकुरी विकासखंड में प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ थे। जो अब इस दुनिया में नहीं है। प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीताराम साव को शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल तपकरा का प्राचार्य बना दिया गया था। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीताराम साव को कुनकुरी से हटाने के बाद व्याख्याता चुन्नू राम भगत को कुनकुरी विकासखंड का विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त कर दिया गया था । आपको बता दें व्याख्याता चुन्नू राम भगत पहले भी फरसाबहार विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी रह चुके हैं। 25 जून 2021 से लेकर 1 जनवरी 2023 तक व्याख्याता चुन्नू राम भगत फरसाबहार विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ थे। जब सरकार के द्वारा दुर्गेश देवांगन की पोस्टिंग विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में की गई तब व्याख्याता चुन्नू राम भगत को वहां से हटना पड़ा था।
25 जून 2021 से 1 जनवरी 2023 तक जब व्याख्याता चुन्नू राम भगत विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार पदस्थ थे, उस दौरान उनकी खूब शिकायत हुई थी क्योंकि वे फरसाबहार विकासखंड मुख्यालय में नहीं रहते थे। वे फरसाबहार विकासखंड मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर कुनकुरी से अप-डाउन करते थे। क्योंकि चूनू राम भगत का मकान कुनकुरी में ही है । जब फरसाबहार से उनको हटना पड़ा तब उन्हें हायर सेकेंडरी स्कूल तपकरा में पोस्टिंग की गई थी। इस दौरान भी वे कुनकुरी से तपकरा अप-डाउन किया करते थे। शिकायत थी कि हमेशा स्कूल में लेट से ही आया करते थे। यही वजह है कि शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल तपकरा के शिक्षक भी अपने प्राचार्य को देखकर सही समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं । यही नहीं इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी स्कूल समय पर नहीं पहुंच रहे हैं ।स्कूल पूरी तरह से अनुशासनहीनता के घेरे में है।
माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी व्याख्याता को विकासखंड शिक्षा अधिकारी नहीं बनाया जा सकता है। हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि ABEO और 5 साल के अनुभवी प्रिंसिपल को ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया जा सकता है। परंतु जशपुर जिले में हाई कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन किया जा रहा है।
आपको बता दें वर्ष 2022 में व्याख्याता राधेलाल जायसवाल को छत्तीसगढ़ के कसडोल विकासखंड का प्रभारी BEO बनाया गया था। इस आदेश के खिलाफ कसडोल के ABEO रामाकांत देवांगन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें स्थानांतरण नीति के उल्लंघन का उल्लेख किया गया।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिसंबर माह में ही आदेश जारी कर इस मामले में कोर्ट ने 2 दिसंबर 2022 को आदेश पारित किया था। कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर राधेलाल जायसवाल को प्रभारी बीईओ के पद से हटा दिया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक पदोन्नति नियम 2019 के मुताबिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी या 5 साल का अनुभव रखने वाले प्राचार्यों को पदोन्नत किया जा सकता है। ऐसे में व्याख्याता से प्रभारी BEO बनाये गये राधेलाल जायसवाल बीईओ की अनिवार्य योग्यता नहीं रखते हैं।
लिहाजा राज्य सरकार ने रामाकांत देवांगन सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी का आवेदन स्वीकार करते हुए उन्हें कसडोल में यथावत रखा था। वहीं राधेलाल जायसवाल व्याख्याता का प्रभारी बीईओ के पद पर किया गया स्थानांतरण रद्द कर दिया गया था। राधेलाल जायसवाल को डीईओ कार्यालय बलौदाबाजार भाटापारा में अटैच किया गया था।
एक बार फिर से हाई कोर्ट के निर्देश को न मानते हुए व्याख्याता चुन्नू राम भगत को तीसरी बार फरसाबहार विकासखंड का विकासखंड शिक्षा अधिकारी बना दिया गया है।



