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22 प्रकार के लघु वनोपजो की समर्थन मूल्य पर खरीदी करेगी सरकार, राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण के लिए 590 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में 821 संग्रहण केन्द्र हाट बाजार स्तर पर स्थापित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन लघु वनोपज का संग्रहणकर्ताओं को उनकी मेहनत का सही और वाजिब दाम दिलाने के लिए 22 प्रकार के लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के जीविकापार्जन के लिए मुख्यतः वनों पर निर्भर रहने वाले आर्थिक रूप से पिछड़े आदिवासी, गैर आदिवासी, भूमिहीन तथा पिछड़े समुदाय के लाखों लोगों को उनकी मेहनताना का उचित मूल्य मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इसके पहले प्रदेश में मात्र सात वनोपजों का समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही थी। शेष वनोपजों को संग्रहणकर्ताओं बिचौलियों को औने-पौने दाम में विक्रय कर देते, जिससे वनवासियों को उचित एवं सही मूल्य मिल पाता था।
राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण के लिए 590 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में 821 संग्रहण केन्द्र हाट बाजार स्तर पर स्थापित किए गए हैं। इसके अंतर्गत आने वाले लगभग साढे तीन हजार ग्रामों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा संग्रहित लघु वनोपजों के प्राथमिक प्रसंस्करण तथा बिक्री की सुविधा के लिए 139 वन धन विकास केन्द्र भी स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन और वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में इस तरह ग्राम संग्रहण केन्द्र स्तर तथा वन धन विकास केन्द्र स्तर पर लघु वनोपज के संग्रहण तथा प्राथमिक प्रसंस्करण का जिम्मा 5000 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। इसके तहत महिला समूहों में शामिल 50 हजार से अधिक महिलाओं को लघु वनोपजों के संग्रहण तथा प्राथमिक प्रसंस्करण से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इसके अलावा तीन वनोपजों रंगीनी लाख पर 20 रूपए, कुल्लू गोंद पर 20 रूपए तथा कुसुमी लाख पर 22 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से अतिरिक्त बोनस प्रदाय करने की घोषणा की गई है। राज्य में वर्ष 2020 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली इन 22 लघु वनोपजों के लिए दर निर्धारित है। इसके तहत साल बीज 20 रूपए प्रति किलोग्राम, हर्रा 15 रूपए, इमली बीज सहित 31 रूपए तथा चिरौंजी गुठली 109 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। इसी तरह महुआ बीज के लिए 25 रूपए, कुसुमी लाख के लिए 225 रूपए, रंगीनी लाख के लिए 150 रूपए तथा कालमेघ के लिए 33 रूपए प्रति किलोग्राम के मान से दर निर्धारित है। इनमें बहेड़ा को 17 रूपए, नागर मोथा को 27 रूपए, कुल्लू गोंद को 120 रूपए तथा पुवाड़ को 14 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। इसके अलावा बेलगुदा के लिए 27 रूपए, शहद के लिए 195 रूपए और फूल झाडू के लिए 30 रूपए प्रति किलोग्राम के मान से खरीदी के लिए दर निर्धारित है। इसी तरह महुआ फूल (सूखा) को 17 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। जामुन बीज (सूखा) को 36 रूपए प्रति किलोग्राम, कौंच बीज को 18 रूपए प्रति किलोग्राम तथा धावई फूल (सूखा) को 32 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। करंज बीज को 19 रूपए प्रति किलोग्राम, बायबडिंग को 81 रूपए प्रति किलोग्राम और आंवला (बीज रहित) को 45 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। राज्य में इन 22 लघु वनोपजों की लगभग एक हजार करोड़ रूपए की उपज का संग्रहण वनवासियों द्वारा किया जाता है और इसे हाट बाजारों में बिक्री के लिए लाया जाता है।

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