Home बलोदा बाज़ार महिला पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के पति ,बेटा,बेटी अन्य...

महिला पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के पति ,बेटा,बेटी अन्य सगे संबधी, रिश्तेदार उनके कार्यो में नही कर सकते हस्तक्षेप, मीटिंग में भी नहीं हो सकते शामिल

287
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

बलौदाबाजार । छत्तीसगढ सरकार के नये निर्देश एवं बलौदाबाजार कलेक्टर कार्तिकेय गोयल के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने एक नया आदेश जारी किया है। जिसके तहत जिला में किसी भी महिला पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यों में उनके रिश्तेदारो के हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। बलौदाबाजार जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने बताया इसके अंतर्गत पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों आदि में किसी भी महिला सदस्यों के पति ,बेटा,बेटी अन्य सगे संबधी, रिश्तेदार उनके कार्यो में हस्तक्षेप नही कर सकते है। उनके रिश्तेदार द्वारा किसी भी तरह सलाह देना, मीटिंग में शामिल होना प्रतिबंधित रहेगा। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इन नियमों उल्लंघन करने पर कोई भी व्यक्ति जनपद पंचायत सीईओ को शिकायत कर सकते है। इन सभी पंचायत प्रतिनिधियों पर उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई किया जाएगा। गौरतलब है की राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत सीटों का आरक्षण महिला सदस्यों के लिए होते है।जिस कारण बहुत से पंचायत प्रतिनिधियों के रिश्तेदार उनके कार्यों में बेवजह दखल कर प्रशासनिक कार्यों को भी बाधित करतें है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here