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रायगढ़ में किडनैपिंग की सूचना के महज 8 घंटे के भीतर अपहृत बालक किडनैपर्स के चंगुल से सकुशल बरामद, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर दी बधाई,

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रायपुर । छत्तीसगढ़ पुलिस के नाम आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । काम से निकाले जाने के खुन्नस और शीघ्र लखपति बनने के इरादे से जांजगीर बाराद्वार निवासी खिलावन महंत खरसिया क्षेत्र के व्यापारी के 6 वर्षीय बालक शिवांश अग्रवाल का अपने साथियों के साथ अपहरण कर अपने षड्यंत्र अनुसार बालक को झारखंड के पेशेवर गिरोह को सुपुर्द करने के लिये उनके सम्पर्क में थे , उनकी आगे की प्लालिंग अपहृत बालक के परिजनों से 25 लाख रुपए फिरौती की डिमांड करने की थी, जिनके इरादों पर पानी फेरते हुए रायगढ़ पुलिस, झारखंड पुलिस की मदद से घटना की सूचना के महज 8 घंटे के भीतर “ऑपरेशन शिवांश” चलाकर  आरोपियों के कब्जे से बालक की सकुशल बरामदगी की गई है । वहीं मुख्यमंत्री और गृहमंत्री एवं CMO आफिस द्वारा ट्वीट कर छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी गई है ।
शनिवार की शाम-रात पुलिस चौकी खरसिया में व्यवसायी रमेश कुमार अग्रवाल  ( उम्र 64 वर्ष) निवासी छपरीगंज खरसिया  उनके घर में रसोईया का काम करने वाले निखिल महंत उर्फ खिलावन पिता एतवारी महंत 28 साल निवासी सरवानी बाराद्वार जिला जांजगीर चांपा द्वारा उसके 06 वर्षीय पोते शिवांश अग्रवाल पिता राहुल अग्रवाल को बिना बताये मोटर सायकल में बिठाकर कहीं ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया ।  रिपोर्टकर्ता बताया कि निखिल महंत को कुक के काम पर रखे थे, आवश्यकता नहीं होने पर दिनांक 18.02.2021 को उसका बाकी रूपया पैसा दिये तो वह चला गया था । दिनांक 20.02.2021  को निखिल महंत इनके घर आया और मोबाईल चार्जर उपर कमरा में छूट गया है कहकर उपर कमरे में गया और नीचे आकर शिवांश को बुलाकर चलो चिप्स दुंगा कहकर शाम करीब 5:30 बजे अपने साथ  मो.सा. में  बिठाकर ले गया करीब 7:30 बजे तब वापस नहीं आने पर बालक की खोजबिन किये और अनहोनी की अंदेशा भांप कर पुलिस चौकी खरसिया में सूचना दिये । खरसिया  पुलिस संदेही निखिल महंत पर अप.क्र.104/2021 धारा 364-ए भादवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही रायगढ़ एसपी संतोष सिंह जिले में नाकेबंदी का पांइट देकर तुरंत खरसिया चौकी पहुंचे । एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा को रायगढ़ मुख्यालय में सायबर टीम के साथ संदेही का लोकेशन ट्रेश करने व सीमावर्ती जिलों के थाना प्रभारियों से संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपे । एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल को अनुविभाग के  अलग-अलग अधिकारियों की टीम बनाकर जांच में मिली जानकारी के अनुसार शीघ्र अलग-अलग दिशाओं में टीम रवाना किये  । घटना की सूचना पाकर रात ही में बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी खरसिया पहुंचे व मामले की पूरी जानकारी लेकर अधिकारियों को महत्तवपूर्ण दिशा निर्देश दिए। डीजीपी डी एम अवस्थी द्वारा मामलें में आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे। रायगढ़ एसपी द्वारा बनाई गई टीमों में चौकी प्रभारी खरसिया के हमराह में स्टाफ मुख्य संदेही खिलावन महंत के गृहग्राम बाराद्वार एवं पामगढ़ की ओर रवाना किया गया । एडिशनल एसपी रायगढ़ से मिल रही जानकारी व क्लू के आधार पर दो इंस्पेक्टर को घन्टें भर के अंदर रायगढ़-झारखंड के रास्ते रवाना किया गया। एसडीओपी खरसिया के साथ अन्य स्टाफ संदेही के लोकल संपर्क सूत्रों के यहां लगातार छापेमारी की जा रही थी । तभी आरोपियों के सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने की जानकारी सामने आई । शातिर आरोपीगण पुलिस की नाकेबंदी के रास्तों को जानते हुए मुख्य मार्ग को छोड़ते हुए पहाड़ी व अंदरूनी रास्तों का प्रयोग करते बम्हनीनडीह- नंदेली- तारापुर अमलीभौना होते हुए रायगढ़ की सीमा पार करने की जानकारी मिली । जबकि खरसिया में संदेही अपने परिचितों को बिहार जाने की बात बताया था ताकि पुलिस बिहार की ओर टीम रवाना करें यही नहीं संदेही खिलावन महंत बालक को घर से मोटरसाइकिल में बिठा कर ले गया था। CCTV फुटेज में भी वह बाइक में दिखा परन्तु अपने साथियों के साथ अपनी पूर्व प्लानिंग अनुसार खिलावन महंत पुलिस को चकमा देने बाइक से निकला और रास्ते में बाइक छोड़ अपने दो साथी अमर दास महंत व संजय सिदार (ड्राइवर) जो किराये की अर्टिगा कार के साथ रास्ते में उसका इंतजार कर रहे थे, उनसे मिला । अब तीनों आरोपी बालक को कार में बिठाकर झारखंड रवाना हुये, वे इस घटना में अपने को सुरक्षित रखने झारखंड के पेशेवर अपहरण गिरोह को सौंपने के लिये सम्पर्क कर रहे थे, उसके बाद आरोपियों की योजना  बालक के पिता से 25 लाख रूपये की डिमांड करने की थी ।
एसपी रायगढ़ सभी पहलुओं को बारीकी से जांच कर आरोपियों के बिहार, झारखंड, उड़ीसा जाने की संभावना को देखते हुए इन राज्यों की पुलिस से कोऑर्डिनेट कर इन राज्यों की पुलिस के अलर्ट कर संदेहियों का डिटेल शेयर किया गया व नाकेबंदी का अनुरोध किये जिनसे काफी मदद मिली । झारखंड के सभी संबंधित एसपी से लगातार संपर्क करते रहें व रायगढ़ की पीछा करने वाली टीम को निर्देशित किया। इसी बीच आरोपियों के अर्टिगा कार से खूंटी झारखंड की ओर जाने की जानकारी मिली। खरसिया से रवाना हुई 2 इंस्पेक्टरों की टीम इस कार का पीछा कर रही थी । आगे इस टीम द्वारा खूंटी पुलिस को  कार एवं संदेहियों का हुलिया बताकर नाकेबंदी का पाइंट दिया गया जिस पर खूंटी पुलिस द्वारा आरोपियों की कार को  रोका गया और  पीछे-पीछे तभी रायगढ़ पुलिस की टीम पहुंची । जहां आरोपियों के कब्जे से बालक शिवांश को सकुशल बरामद कर खरसिया लाया गया है । आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा 25 लाख फिरौती के लिए बालक का अपहरण करने की बात बताई जा रही है, इस कार्य के लिए वे झारखंड के एक पेशेवर गिरोह के संपर्क में थे।खरसिया पुलिस घटना में प्रयुक्त मारुति अर्टिगा कार CG-13 AE-7025 की तलाशी लेने पर कार अंदर एक प्लास्टिक बोरी, गमछा, एक छोटी शीशी में क्लोरोफॉर्म, रस्सी, बोरी, मिक्चर, बिस्किट, चिप्स, पानी बॉटल मिला है, जिसे जब्त किया गया । आरोपी खिलावन दास महंत के मेमोरेंडम पर आरोपी द्वारा गाड़ी में छिपा कर रखी हुई चाकू तथा आरोपी अमर दास महंत एक चाकू निकालकर पेश किये, जिसे भी वजह सबूत जब्त किया गया । आरोपी खिलावन बाइक किसी अन्य व्यक्ति को देना बताया है जिसकी बरामदगी की जा रही है । घटना में साक्ष्य अनुरूप धारा 368, 120(B), 34 IPC , 25 Arms Act जोड़ी गई है ।  आरोपी खिलावन दास महंत उर्फ निखिल उम्र 28 वर्ष निवासी सरवानी थाना बाराद्वार जिला जांजगीर चांपा और अमर दास महंत पिता सुरती दास महंत उम्र 23 वर्ष नवापारा खरसिया,यह झारखंड के रांची आना-जाना करता था। संजय सिदार पिता छेदीलाल सिदार 30 वर्ष नवापारा खरसिया। खरसिया पुलिस आरोपियों का पुलिस रिमांड लेकर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है  ।
बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी एवं एसपी रायगढ़ संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन पर एडिशनल एसपी रायगढ़ अभिषेक वर्मा, एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल तथा अनुविभाग के थाना, चौकी प्रभारियों, सायबर सेल एवं स्टाफ की त्वरित कार्यवाही से घटना का शीघ्र पटाक्षेप हुआ है ।
डीजीपी डी.एम. अवस्थी द्वारा झारखंड पुलिस को सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया गया है । उन्होंने ट्वीट पर रांची, खूंटी, सिमडेगा पुलिस को सहयोग के लिये धन्यवाद दिये हैं । रायगढ़ एसपी द्वारा झारखंड पुलिस विशेष तौर पर खूंटी पुलिस को  प्रशस्ति पत्र प्रेषित कर आभार प्रकट करना बताये हैं । रायगढ़ पुलिस को मिली सफलता पर डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा बालक को सकुशल बरामद करने वाली टीम के लिये 01 लाख रूपये इनाम की घोषणा की गई हैं आई जी बिलासपुर ने 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा किये। खरसिया क्षेत्र सहित जिले के सभी नागरिकों द्वारा पुलिस की इस त्वरित कार्यवाई की प्रशंसा की जा रही है ।

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