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गम्भीर परिस्थितियो में भी हार न मानकर आगे बढ़ने का नाम है भूपेश बघेल , सूरज चौरसिया ने कहा बीजेपी के पास कोई मुद्दा नही वो मुद्दाहिन हो चुकी है

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जशपुर । बुरे हालातों में भी हार न मानकर प्रदेश की जनता को बेहतर सुविधा प्रदान करते हुये प्रदेश को खुशहाली औऱ उन्नति के मार्ग पर कैसे ले जाना है । यदि इसका जीता जागता उदाहरण आज हिंदुस्तान में देखना हो तो छत्तीसगढ़ के यशश्वी मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल से बेहतर और कोई नही हो सकता। उक्त बातें ब्लॉक अध्यक्ष जशपुर शहर एंव प्रदेश सचिव विधि विभाग व जिलाध्यक्ष सूरज चौरसिया ने कही। चौरसिया ने कहा कि दो वर्ष चार माह पूर्व जब प्रदेश की बागडोर यशश्वी मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल के हांथो सत्ता सौंपी गई थी तब प्रदेश की आर्थिक स्थित बदहाल दयनीय और बेहद कमजोर हो चुकी थी। पूरी व्यवस्था चरमरा चुकी थी लाखो करोड़ो रूपये के कर्ज के बोझ तले जनता दबकर कराह रही थी। समझ नही आ रहा था प्रदेश की स्थिति कैसे सुधरेगी लेकिन एक कहावत है जब हौंसला बुलंद हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कुछ भी असम्भव नही और इसी जज्बे के मालिक भूपेश बघेल ने धीरे धीरे प्रदेश को सम्भालना शरू किया और किसान भाइयों का एक एक दाना धान खरीदा, कर्ज माफी का वायदा पूरा किया,राजीव गाँधी न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में राशि देना,बिजली बिल हाफ करने का वायदा एंव आम से लेकर खास तक के लोगो को राशन कार्ड के माध्यम राशन देने का काम किया। तेंदुपत्ते के बोनस की बात हो या शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा पूरा करने की बात हो,कई सेक्टरों में नौजवानों के लिये नौकरी के दरवाजे खोल दिये। भूमि खरीदी में रियायत की बात हो या गरीब कमजोर ग्रामीणों किसानों को पट्टा देने काम हो या नरवा गरवा घुरवा बाड़ी जैसी विश्वस्तरीय योजना के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कार्य जमीनी स्तर पर प्रारम्भ किया जा चुका है जिसका लाभ आम जनता ले रही है । यही कारण है कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नही वो मुद्दाहिन हो चुकी है बल्कि बीजेपी के नेता हो या आर एस एस जैसी संस्था हो खुद भूपेश बघेल जी के कार्यो की तारीफ कर चुके हैं। सच कहें तो आज पूरे भारत मे औऱ विश्व की राजनीति में प्रदेश के यशश्वी मुखिया भूपेश बघेल जी अपने कौशल रणनीति,सूझबूझ एंव दृढ इच्छा शक्ति से हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रौशन किया है। जिसका लोहा खुद केंद्र की सरकार ने माना और कई योजनाओं में देश के सभी राज्यो में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान दिया है । पिछले वर्ष भी कोविड महामारी के बाद भूपेश बघेल हार नही माने बल्कि औऱ ऊर्जा के साथ प्रदेश की जनता के साथ खड़े होकर कदम मिलाते हुये कोविड महामारी को मात दिया जिसकी तारीफ देश और विदेश तक हुई देश के कई हिस्से में प्रदेश की जनता रोजी रोटी के लिये गयी थी उन सभी वर्गों को छतीसगढ़ लाने में सफल हुए। खास कर गरीब कमजोर मजदूर वर्ग के लिये प्रदेश का कोषद्वार खोलने में तनिक भी संकोच नही किया यात्री वाहन,छोटे वाहन,ट्रेन से आने वालों का किराया तक दिया,बेरोजगारों तथा बाहर फंसे कामगारों को उनके खाते में राशि तक देने का कार्य किया यही नही गरीब कमजोर वर्गों को तीन माह का राशन माननीय जिला प्रभारीमंत्री एंव खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के माध्यम से देकर संवेदनशील होने का परिचय दिया ।
हालात ठीक हो ही रह था कि अचानक फिर कोविड महामारी ने देश विदेश में तांडव मचाना प्रारम्भ कर दिया जिसके असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है इसके बावजूद घबराने की जगह प्रदेश के यशश्वी मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने बिना देर किये अपनी दृढ इच्छा शक्ति से सकारात्मक निर्णय लेते हुए सभी शासकीय अर्धशासकीय,प्राइवेट हॉस्पिटल,बड़े बड़े हॉल, खेलमैदान,स्टेडियम,जहां जरूरत हुई कोविड मरीजों के लिये कोविड सेंटर,कोविड हॉस्पिटल बनाने का कार्य युद्ध स्तर में प्रारम्भ कर दिया।दवायें, खाने पीने की व्यवस्था,बेड, उपकरण,वाहन,नये डॉक्टरों की भर्ती,ऑक्सीजन,ऑक्सिमिटर, जैसे तमाम व्यवस्था जुटाने में कोई कोताही नही बरती बल्कि एक कदम औऱ आगे बढ़ते हुये भूपेश बघेल ने ऑक्सीजन प्लांट लगाकर उत्तरप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश,राजस्थान,महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे कई राज्यों को बिना भेदभाव किये आम जनता के हित मे सप्लाई करके एक मिशाल कायम किया। ये कोई मामूली बात नही है ये कुशल नेतृत्व औऱ कुछ कर गुजरने की क्षमता रखने वाले महान व्यक्त्वि के धनी ही कर सकते है ।

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