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प्रदूषण सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंचा, बंद हो सकते हैं इस शहर के स्कूल और कॉलेज

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नोएडा । दीपावली के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक डार्क रेड जोन 402 में दर्ज किया गया। वहीं नोएडा का एक्यूआई 398 पहुंच गया है। ग्रेटर नोएडा देश में, जहां सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की संख्या में तीसरे स्थान पर था। वहीं, नोएडा पांचवे स्थान पर रहा। अगर वायु प्रदूषण में सुधार नहीं होता है तो स्कूल और कॉलेज बंद हो सकते हैं। ग्रेप के स्टेज चार के तहत सख्त नियम लागू हो जाएंगे। हालांकि, बुधवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। एनसीआर के सभी शहर व जिले के अधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। वहीं, दूसरी तरफ प्रदूषण के कारण अस्पतालों की ओपीडी और इमर्जेसी में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 10 से 15 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं। इन मरीजों में अस्थमा का अटैक, सांस संबंधी मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। मरीजों में सर्दी, जुखाम, खांसी, गले में जकडऩ, आंखों में जलन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

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