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प्राथमिकता, अन्त्योदय, एकल निराश्रित, नि:शक्जन श्रेणी के राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2023 से मिलेगा फोर्टिफाइड चावल, प्रदेश के 73 लाख 27 हजार परिवारों को पीडीएस के जरिये मिल रहा हैं सस्ता राशन, हर जिले में शुरू होंगे मॉडल उचित मूल्य दुकान

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रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य में 73 लाख 27 हजार परिवारों को युनिवर्सल पीडीएस के तहत् समस्त राशनकार्डधारियों को उनकी पात्रता के अनुसार राशन का वितरण किया जा रहा है। राज्य में लगभग 64.15 लाख गरीब परिवारों को नि:शुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है। इनमें अनुसूचित जनजाति के 21 लाख 61 हजार परिवार, अनुसूचित जाति के 10 लाख 22 हजार से अधिक परिवार और अन्य पिछड़ा वर्ग के 34 लाख 78 हजार तथा सामान्य वर्ग के 6 लाख 65 हजार परिवार शामिल हैं। राशन कार्डधारियों को निर्बाध रूप से राशन वितरण जारी है। वर्तमान में प्रदेश में 13,415 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 14 लाख 49 हजार अन्त्योदय, 38 हजार 386 निराश्रित, 49 लाख 15 हजार प्राथमिकता वाले राशन कार्ड, 14 हजार नि:शक्तजन और 9 लाख 10 हजार एपीएल (सामान्य परिवारों) राशन प्रदान की जा रही है। खाद्य सचिव टापेश्वर वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मॉडल शासकीय उचित मूल्य दुकान प्रारंभ करने की योजना की कार्य की जा रही है, इसके लिए तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मॉडल उचित मूल्य दुकानों में राशन सामग्री के साथ अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री के अलावा बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट आदि की सुविधा भी दी जाएगी। राशनकार्डों में आधार सीडिंग की कार्यवाही की गई है। उचित मूल्य दुकानों के संचालन को आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक बनाये जाने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, दूरसंचार विभाग, ऑयल कंपनियों तथा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा दिए गए सुझाव अनुसार नवीन योजनायें उचित मूल्य दुकानों में लागू तैयारी की जा रही हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत् 1 सदस्यीय प्राथमिकता वाले राशनकार्ड धारी को 10 किलो चावल प्रति माह, 2 सदस्यीय प्राथमिकता वाले राशनकार्ड धारी को 20 किलो प्रति माह, 3 से 5 सदस्यीय राशनकार्ड धारी को 35 किलो प्रमि माह तथा 5 से अधिक सदस्यीय वाले प्राथमिकता राशन कार्डधारी को 7 किलो प्रति सदस्य के हिसाब से प्रति माह राशन दिया जा रहा है। इसी प्रकार अन्त्योदय राशन कार्डधारी को 35 किलो चावल प्रति माह दी जा रही है। साथ ही मात्र 17 रूपए की सस्ते दाम पर 1 किलो शक्कर भी दिए जा रहें है। अनुसूचित क्षेत्रों में प्रति परिवार 2 किलो आयोडीन युक्त नमक तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में 1 किलो ग्राम आयोडीन युक्त नमक नि:शुल्क दिया जा रही है। वहीं अनुसूचित विकासखण्ड एवं माडा क्षेत्र के हितग्राहियों को प्रति माह मात्र 5 रूपए प्रति किलो की दाम पर 2 किलो चना वितरण भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एकल निराश्रित और नि:शक्तजन राशनकार्डधारी को प्रतिमाह प्रति राशनकार्ड 10 किलो नि:शुल्क चांवल दी जा रही हैं। इसी प्रकार एक सदस्यीय एपीएल राशनकार्डधारी को 10 रूपए प्रतिकिलो के हिसाब से 10 किलो चावल, 2 सदस्यीय को 20 किलो चावल तथा 3 या अधिक सदस्यीय सामान्य राशनकार्डधारी को 10 रूपए प्रति किलो की दर से प्रतिमाह 35 चावल का दिए जा रहें है।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की स्थिति को दूर करने के मद्देनजर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गत दिनों हुई राज्य मंत्री परिषद् की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण होगा। फोर्टिफाइड चावल उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2023 से वितरण किया जाएगा। प्राथमिकता, अन्त्योदय, एकल निराश्रित, नि:शक्जन, श्रेणी के राशनकार्डधारियों को वर्तमान में दिए जा रहे सामान्य चावल के स्थान पर फोर्टिफाइड चावल मिलेगा।
सार्वभौम पीडीएस के तहत खाद्यान्न सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा एनीमिया एवं अन्य पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए पाइलेट प्राजेक्ट के रूप में नवम्बर 2020 से कोण्डागांव जिले में फोर्टिफाइड चावल वितरण प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में मध्यान्ह भोजन योजना तथा पूरक पोषण आहार योजना में प्रदेश के सभी जिलों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य के 10 आकांक्षी जिले (कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाडा, बीजोपुर, बस्तर, कोण्डागांव, सुकमा) तथा 02 हाई बर्डन जिले (कबीरधाम एवं रायगढ़) में फोटिफाइड चावल का भी वितरण किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि फोर्टिफाइड चांवल पोषक एवं स्वास्थ्यवर्धक है। यह आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12 से युक्त होता है। इसमें मौजूद आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12 जैसे पोषक तत्व बड़ो एवं बच्चों में खून की कमी नहीं होने देता है तथा खून निर्माण एवं तंत्रिका तंत्र के सही ढंग से कार्य में सहायक होता है।

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