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फरसाबहार तहसील के विभिन्न मांगो को लेकर डीडीमी विष्णु कुलदीप के द्वारा उच्च न्यायालय में लगाई गई जनहित याचिका पर शासन को जवाब और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश, 22 को पुनः होगी सुनवाई

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जशपुर । गौरतलब है की तहसील फरसाबहार के स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों व स्टाफ की कमी व अन्य मांगों के लिए जिला पंचायत सदस्य विष्णु कुलदीप सरकार से मांग करते आ रहे हैं परंतु यहां की मूलभूत सुविधाओ की कमी जश की तस है इन्ही समस्याओं को लेकर उनके द्वारा हाईकोर्ट में अधिवक्ता मनोज चौहान, रवि भगत और सोमकांत वर्मा के माध्यम से जनहित याचिका लगाई है जिसमें दिनांक 08.04.2024 को माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय उच्च न्यायालय बिलासपुर के डबल बेंच में सुनवाई हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश महोदय ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि “मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है फरसाबहार से जिला मुख्यालय लगभग 70 किलोमीटर दूर है इलाज कराने कहां जाएंगे लोग”
इस पर छत्तीसगढ़ शासन के वकील ने जवाब व विवरण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु समय मांगा गया जिस पर कोर्ट ने जवाब और विवरण प्रस्तुत करने हेतु दो हफ्ते का समय दिया है तथा 22 अप्रैल को पुनः सुनवाई के लिए याचिका को रखी है।

श्री कुलदीप के द्वारा लगाई गई जनहित याचिका में मुख्य रूप में तहसील फरसाबहार के स्वास्थ्य केन्द्रो मे सुविधाओं की कमी और डॉक्टरो व स्टाफ की कमी को उठाई गई है। उन्होंने याचिका में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं उसके अनुसार फरसाबहार ब्लॉक में डॉक्टरों की कुल 22 पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ 10 ही कार्यरत हैं 12 पद अभी भी खाली हैं तथा तहसील के तीन डॉक्टर उच्च अध्ययन के लिए चले गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में तीन चिकित्सा अधिकारी का पद है परंतु दो डॉक्टर उच्च अध्ययन के लिए चले गए हैं एक चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं जिन्हें प्रशासनिक कार्य और हॉस्पिटल दोनों देखना होता है जो भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन इन्डियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड के विपरीत है, वे अपने याचिका में नागलोक कहे जाने वाले फरसाबहार क्षेत्र में पिछले चार-पांच सालों में सांप काटने से हुई मृत्यु की संख्या भी प्रस्तुत किया है जो गंभीर स्थिती को बताती है, साथ ही तहसील फरसाबहार के अन्य आवश्यक मांगों का जिक्र है याचिका मे मांग की गई आवेदन की प्रति याचिका में संलग्न है जिसमें तपकरा में जल आवर्धन योजना के अंतर्गत शुद्ध जल प्रदान करने की मांग, फरसाबहार में उप-पंजीयक, उप-कोषालय व कॉलेज खोलने की मांग, शासकीय स्वास्थ्य केंद्र भेलवा में सामुदायिक शौचालय निर्माण, ग्राम अकीरा में स्कूल बिल्डिंग और स्टाफ क्वार्टर बनाने की मांग व अन्य मांगों का जिक्र है।

मामले में सुनवाई के दौरान याचिका कर्ता की ओर से मनोज चौहान व रवि भगत ने पक्ष रखा तथा शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री यशवंत सिंह ठाकुर व केंद्र सरकार की सुश्री अनमोल शर्मा ने पक्ष रखा।

इस संबंध में हमने श्री विष्णु प्रसाद कुलदीप जी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी फरसाबहार तहसील मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है मैंने पहले की सरकार में भी मांग रखी है अभी के सरकार के समक्ष भी मांग रखी है परंतु कोई सुनवाई नहीं हुआ इसलिए न्यायालय की शरण में जनहित याचिका लगाना पड़ा है अब देखते हैं सरकार कितना मूलभूत आवश्यकताओ को पूरा करती है।

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