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एसपी शशि मोहन सिंह के प्रयास से पदस्थापना के 100 दिवस के भीतर सैंकड़ों व्यक्तियों के परिजनों के चेहरे पर आई मुस्कान, पढ़िए पूरी खबर

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जशपुर । एसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने जशपुर जिले का कार्यभार लेते ही जिले के गुम इंसानों की अत्यधिक संख्या पर चिंता जताई एवं उन्हें ढूंढने एवं बरामदगी कार्यवाही हेतु जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों की मीटिंग लेकर गुम इंसानों की डाटाबेस तैयार किया गया। गुम इंसानों को ढूंढने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल कुमार सोनी के नेतृत्व में कई पुलिस टीमों का गठन करते हुये सायबर सेल को भी पतासाजी हेतु लगाया गया।

गुम इंसान पतासाजी एवं बरामदगी अभियान के तहत् विगत 03 माह में ही अभियान चलाकर जिले के विभिन्न थाना/चौकी क्षेत्र के कुल 127 गुम इंसान में महिला-89, पुरूष-14, बालक-05 एवं बालिका-19 थे उनकी पतासाजी उपरांत बरामद कर उनके परिजनों/वारिसानों के सुपूर्द किया गया। गुम इंसान दस्तयाबी की कार्यवाही आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगी। जिला पुलिस टीम द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के जिला रायगढ़, सरगुजा, बिलासपुर एवं झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र प्रांत में जाकर दस्तयाबी कार्यवाही किया गया। साथ ही विभिन्न रेल्वे स्टेशन एवं विभिन्न ग्रामों से भी गुम इंसानों की पतासाजी कर बरामदगी कार्यवाही की गई है। गुम इंसान के संबंध में पता-तलाश एवं जानकारी लेने हेतु जिले के साईबर सेल द्वारा लगभग एक हजार मोबाईल नंबर का विवरण प्राप्त कर विष्लेषण किया गया।

 

बगीचा पुलिस अनुविभाग क्षेत्र के एक पिता ने कलेक्टर जशपुर को सूचना दिया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री जो कुनकुरी क्षेत्र के एक स्कूल में कक्षा 8 वीं में पढ़ाई करती है, स्कूल से कुछ दिनों की छुट्टी मिलने पर पुत्री अपने घर आई थी, फिर मेहमानी में कुसमी (जिला बलरामपुर) में गई, वहां से गुम हो गई है। इसी दौरान पता चला कि उसकी एक करीबी महिला ने उस बालिका को दिल्ली घुमाने का लालच देकर अपने साथ दिल्ली ले गई है। कलेक्टर जशपुर द्वारा इस संबंध में स्वंय रूची लेकर इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक जशपुर को दिया गया एवं तत्काल पुलिस चौकी पण्डरापाठ से 03 कर्मचारियों की एक टीम बनाकर दिल्ली रवाना किया गया, टीम द्वारा पतासाजी करने के उपरांत उक्त बालिका को दिल्ली के राजेन्द्रनगर थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। पूछताछ में बालिका ने बताया कि कुसमी में मेहमानी आने के दौरान उसकी एक करीबी महिला ने उसे दिल्ली घुमाने का लालच देकर अपने साथ दिल्ली ले जाकर 02-03 दिनों तक अपने साथ घुमाई एवं एक जगह छोड़ दी थी। बालिका को वहां ठीक नहीं लगने पर उस जगह से निकलकर दिल्ली में भटक रही थी, जिसको थाना राजेन्द्रनगर दिल्ली तथा चाईल्ड लाईन दिल्ली की मद्द से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया।

बगीचा पुलिस अनुविभाग क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने माता-पिता के रोज शराब पीने से परेशान थी एवं आर्थिक रूप से कमजोर थी, उक्त लड़की बगीचा बाजार में अपनी एक सहेली की बड़ी बहन के साथ मिली थी जिसे अपनी पारिवारिक व्यथा एवं परेशानियों को बताई थी, सहेली की बड़ी बहन जो कहीं कार्य करती है, वह अपने साथ उक्त नाबालिग लड़की को ले गई। लड़की के कहीं चले जाने से परिजन काफी परेशान थे एवं थाना में जाकर सूचना दिये, पुलिस द्वारा तकनीकी रूप से पतासाजी करने के दौरान उक्त नाबालिग का देहरादून (उत्तराखंड) में मौजूद होना पता चला। पुलिस द्वारा उससे संपर्क करने पर बताई कि देहरादून आने के पश्चात् बीमार हो गई थी, जिसे पुलिस टीम द्वारा दिनांक 25.04.2024 को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया।

थाना बगीचा क्षेत्र के ही एक गांव की 22 वर्षीय युवती दिनांक 14.03.2024 को अपने घर में बिना किसी को बताये कहीं चली गई, उक्त लड़की को परिजनों द्वारा आस-पास, रिश्तेदारी में काफी दिनों तक पता-तलाश किया गया, पता नहीं चला। परिजनों द्वारा दिनांक 06.04.2024 को थाना बगीचा जाकर गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कराया गया, पुलिस द्वारा मुखबीर सूचना एवं सायबर सेल के सहयोग से उक्त युवती को दिनांक 12.05.2024 को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया।

थाना सन्ना क्षेत्र के एक ग्राम में निवासरत एक व्यक्ति ने दिनांक 25.08.2023 को चौकी सोनक्यारी में सूचना दिया कि उसकी 17 वर्ष 09 माह की नाबालिग पुत्री बिना बताये घर से कहीं चली गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर गुम इंसान एवं धारा 363 भा.द.वि. का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान सायबर सेल के सहयोग से अपहृता का लोकेशन कसौली जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) में मिलने पर पुलिस टीम को रवाना कर वहां से दिनांक 05.02.2024 को दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा गया।

थाना पत्थलगांव क्षेत्र का एक प्रार्थी ने दिनांक 06.04.2024 को थाना में सूचना दिया कि इसकी 34 वर्षीय पुत्री बिना बताये घर से कहीं चली गई है, आस-पड़ोस, रिश्तेदारों में पता-तलाश किये, पता नहीं चला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर गुम इंसान दर्ज कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान सायबर सेल के सहयोग से गुम इंसान का लोकेशन कारेगांव पुणे (महाराष्ट्र) में मिलने पर पुलिस टीम को रवाना कर वहां से दिनांक 20.04.2024 को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा गया। गुम इंसान ने पूछताछ में किसी प्रकार का अपराधिक घटना का घटित नहीं होना बताया है।

इसी तरह कुनकुरी पुलिस अनुविभाग क्षेत्र के क्षेत्र का प्रार्थी उम्र 65 वर्षीय ने दिनांक 18.04.2024 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके नाती के 02 नाबालिग बालिका एवं 01 नाबालिग बालक दिनांक 12.04.2024 से घर से गायब थे, उक्त तीनों नाबालिग बच्चों को बीते दिवस पुलिस द्वारा सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। पुलिस जाॅंच विवेचना में उनके निकट रिश्तेदार एक महिला द्वारा योजनाबद्ध तरीके से उक्त तीनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर में बिना किसी को बताये ले जाना पाया गया एवं दोनों बच्चियों को शादी करा दूंगी कहकर बालक सहित अपने सहेली नीलू उर्फ ठुनी उर्फ निर्मला नायक निवासी छतरपुर (मध्य प्रदेश) को सौंप दी थी। निकट रिश्तेदार ने बच्चियों की शादी कराने के लिये 03 लाख में सौदा कर ली थी जिसका एडवांश वह 20 हजार ले चुकी थी, 10 हजार रू. खर्च हो गये एवं शेष नगदी 10 हजार रू. नगद, स्कूटी वाहन एवं 01 नग मोबाईल को पुलिस द्वारा जप्त किया गया है। पुलिस द्वारा निकट रिश्तेदार महिला उम्र 35 साल को धारा 363, 365, 366(क), 368, 120(बी), 370 भा.द.सं. के अंतर्गत दिनांक 20.04.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

प्रकरण के शेष आरोपियों को पुलिस के आने की भनक लगते ही वे अपना ठिकाना छोड़कर फरार हो गये थे, पुलिस टीम द्वारा उनका उनका ग्वालियर तक पीछा किया गया एवं मिलने पर उन्हें अभिरक्षा में लेकर वापस जशपुर आये। प्रकरण के अभियुक्तगण पति-पत्नि कोमल अहिरवार उम्र 32 साल एवं नीलू उर्फ ठुनी उर्फ निर्मला नायक उम्र 30 साल दोनों निवासी छतरपुर (मध्य प्रदेश) को दिनांक 23.04.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

जशपुर पुलिस द्वारा अनेकों गुम बालिकाओं/महिलाओं की पतासाजी उपरांत उनसे वीडियो काॅल के माध्यम से परिजनों की उपस्थिति में बात किया गया है, अनकों महिलाओं/व्यस्क बालिकाओं ने अपनी मर्जी से घर से चले जाना एवं सुरक्षित रहना बताया गया है। किसी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने हेतु कहा गया है। पुलिस द्वारा उन्हें मोबाईल नंबर वितरित किया गया है।

श्री शशि मोहन सिंह पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस के इस अभियान में उल्लेखनीय सफलता दिलाने वाले विशेष टीम को पुरस्कृत किया गया है। सभी थाना/चौकी प्रभारियों को गुम इंसान की रिपोर्ट आने पर तत्काल पतासाजी करने हेतु निर्देशित किया है, गुम इंसान दस्तयाबी की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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