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घट रहा भूगर्भ जल स्‍तर, संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिसाइकलिंग पर ध्‍यान देना जरूरी, जल बचाने महिलाओं ने सम्हाला कमान

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जशपुर । पानी की कमी आज पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत भी इसकी चपेट में है। विशाल जनसंख्या के लिए हर रोज स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना बड़ी समस्या भी है। पानी की कमी का असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादकता पर भी पड़ रहा है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की मानें तो हर व्यक्ति को अपने रोजमर्रा के लिए करीब 25 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। भारत के कई इलाकों में लोगों को अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कहीं उन्हें बहुत दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है, तो कहीं सीमित समय के लिए की जा रही आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।

देश के कई हिस्सों में भूमिगत जल का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जाता है, जिस वजह से देश के विभिन्न हिस्सों के जलस्तर में तीव्र गिरावट दर्ज की जा रही है। वक्‍त रहते उचित कदम उठाने की जरूरत पर वॉटर हीरो नीरज वानखड़े ने बताया कि आने वाले दिनों में जल की कमी से देश को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। कृषि क्षेत्र को पर्याप्त मात्रा में जल नहीं मिलने से कुल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर काफी नकारात्मक असर पड़ेगा। विश्व बैंक के अनुसार जल संकट जीडीपी पर असर डालेगा और रोजगार की समस्या उत्पन्न होगी। इसके साथ ही, पर्यावरण और जैव विविधता पर इसके परिणाम देखने होंगे। पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को भारी नुकसान होगा। उन्‍होंने बताया यह समय की मांग है कि जल सुरक्षा पर गंभीर चिंतन करते हुए उचित कदम उठाया जाय।

जल जागृति अभियान के आठवें दिन आज जनपद पंचायत मनोरा के ग्राम पंचायत घाघरा में जल जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वाटर हीरो नीरज वानखड़े ने विभिन्न रोचक जानकारी और अपने अभिनव माडल के जरिये लोगों को जल संरक्षण के संबंध में समझाया और लोगों को जल बचाने के लिए आग्रह किया और इस अभियान को जन जन का अभियान बनाने हेतु आगे आने हेतु अपनी भागीदारी प्रदान करने हेतु आग्रह किया।

कार्यक्रम मे जिला पंचायत सदस्य शांति भगत ने कहा कि जल बचाना हम सभी के लिए बहुत जरूरी है।पानी बचाने के लिए हमें अपने जंगल को भी बचाना है, जल स्‍तर में लगातार गिरावट आ रही है। इसके लिए हम सबको सचेत होना होगा। वर्षा जल संरक्षण और पानी के रिसाइकलिंग पर जोर देने की जरूरत है ताकि पानी का भूगर्भ जल का संरक्षण किया जा सके साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रीसाइक्लिंग को मजबूत करने पर जोर दिया जाना चाहिए। सरकार के साथ ही आमलोगों को भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। अपने उदबोधन में उन्होंने वाटर हीरो नीरज वानखड़े के कार्यो को सराहा।

अध्यक्ष जनपद पंचायत मनोरा ने अपने उदबोधन् में जल जागृति अभियान की सराहना करते हुवे लोगों को आग्रह किया की अगर अभी हमने जल बचाने के लिए काम नही किया तो हमारे आगे की पीढ़ी के लिए पानी का अकाल पड़ जायेगा, ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम पानी को बचाये. सभी लोगों के सम्मिलित प्रयासों से ही हम भविष्य के लिए जल का संचय कर सकेंगे.

कार्यक्रम में शांति भगत, जिला पंचायत सदस्य, परमेश्वर भगत अध्यक्ष जनपद पंचायत मनोरा, शोषन एक्का जनपद सदस्य मनोरा, रंजीत भगत जनपद सदस्य मनोरा, बैजू नंदन अध्यक्ष मुख्य कार्य पालन अधिकारी, जनपद पंचायत मनोरा, एस डी ओ जल संसाधन विभाग मनोरा,वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी मनोरा, वनपाल वन विभाग मनोरा, एवम अन्य अधिकारी व कर्मचारी, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्व सहायता समूह के सदस्य और बहुत अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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