Home छत्तीसगढ़ विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मयाली में शिव महापुराण कथा के...

विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मयाली में शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस ऑनलाइन के माध्यम से जुड़े सीएम विष्णु देव साय

519
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

जशपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय रायपुर से ऑनलाइन के माध्यम से जशपुर के कुनकुरी विकास खंड के मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस में शिव भक्तों को सम्बोधित किया।

शिव भक्तों को मधेश्वर पहाड़ के पास सावन के माह में 28 जुलाई से 4 अगस्त 25 तक कुल 7 दिवसीय कथा अयोध्या के प्रसिद्ध कथा वाचक श्री देवकीनंदन महाराज के द्वारा शिव महापुराण की कथा सुनाया गया। शिव भक्तों ने पूरी श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री ने शिव भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूरे सावन माह में महामधेश्वर समिति के द्वारा विधि विधान से बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना की इसके लिए उन्होंने सभी का धन्यवाद भी दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ की आराधना करते हुए प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की उन्होंने कहा कि सभी लोगों पर भगवान भोलेनाथ की कृपा बनी रहे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न जगहों में भगवान भोलेनाथ अनेक रूपों में विराजमान हैं इनमें मयाली में मधेश्वर पहाड़ के रूप में कवर्धा में बाबा भोरमदेव के रूप में राजीम में फूलेशवर महादेव के रूप में गरियाबंद में भूतेश्वरनाथ भगवान के रूप में विराजमान है इसी प्रकार जांजगीर चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भोलेनाथ विराजमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माता रानी के पांच शक्तिपीठों के विकास कार्यों के लिए कॉरिडोर के माध्यम से योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ में माता रानी बमलेश्वरी के रूप में विराजमान है रतनपुर में माता रानी महामाया मंदिर के रूप में जांजगीर-चांपा के चंद्रपुर में माता रानी चंद्रहासिनी के रूप में दंतेवाड़ा में माता रानी दंतेश्वरी के रूप में विराजमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। वर्तमान में 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का सौभाग्य मिल गया है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 19 जगह श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here