जशपुर।आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के खिलाड़ियों ने अपने मेहनत और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभा की चमक बिखेरी है। खिलाड़ियों ने तीरंदाजी,ताईक्वांडों और तैराकी में गोल्ड मेडल जीत कर राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतिस्पर्धाओं में जगह बनाने में सफलता हासिल की। सफलता से उत्साहित इन खिलाड़ियों और उनके कोच की निगाहें अब राष्ट्रीय टीम में जगह बना कर अंर्तराष्ट्री प्रतियोगिताओं में चमक बिखरने की है।
जशपुर के सात अर्जुनों ने साधा सोना पर निशाना :
तीरंदाजी को जशपुर जिले की विशिष्ठ पहचान बनाना जिला प्रशासन और जशपुरवासियों की महत्वाकांक्षा है। इसके लिए एकल्व्य एकादमी शुरू किया। खनिज न्यास निधि से शुरू हुए इस कोचिंग संस्था में 10 बच्चों को तीरंदाजी के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। इसका अच्छा परिणाम भी सामने आया। वर्ष 2023 से लेकर जशपुर के युवा तीरंदाजों ने 7 स्वर्ण पदक जीत कर पहली बार जशपुर का नाम इस क्षेत्र में स्थापित किया। जशपुर के तीरंदाजों ने वर्ष 2022 में 03, 2023 में 2 और 2024 में 2 स्वर्ण पदक जीते।
इसलिए महत्वपूर्ण है यह सफलता :
जिले में निवास करने वाली विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा को जन्म से ही तीर और धनुष चलाने में महारत हासिल होती है। पहाड़ी कोरवाओं की इसी महारत को निखार कर राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य यहां के प्रशासन का है। शुरूआती दौर की यह सफलता दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक है। इस सफलता से उत्साहित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के सन्ना तहसील में तीरंदाजी अकादमी की घोषणा की है।
ताईक्वांडो के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास :
मार्शल आर्ट विधा का खेल ताईक्वांडो में जशपुर के खिलाड़ियों ने सफलता का नया इतिहास रचते हुए राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं में 40 गोल्ड मेडल जीत लिये। खिलाड़ियों ने 2023 में 17,वर्ष 2024 में 09 और 2025 में 14 स्वर्ण पदक हासिल किये। जिला प्रशासन ने इन खिलाड़ियों को अभ्यास के लिये डीईओ कार्यालय के पास विशेष इनडोर ताईक्वांडो स्टेडियम और कोच की सुविधा उपलब्ध कराई है।
तैराकी में खत्म स्वर्ण पदक का इंतजार :
एकलव्य अकादमी के तैराकों ने जिले को पहली बार खेल के इस विद्या में दो स्वर्ण पदक दिला कर आशा की नई उम्मीद जगाई है। दरअसल आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में बच्चे शौक से तैराकी में माहिर हो जाते है। बच्चों को आप कुआं,डेम और नदियों में कुदते और तैरते हुए आसानी से देख सकते है। प्रशासन का लक्ष्य इस युवा शक्ति को प्रशिक्षित कर जशपुर के साथ देश और प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की है। एकलव्य के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीत कर जिलेवासियों की इस उम्मीद को एक नई रोशनी दिखाई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों के लिए सौगातों की बौछार :
जिले के खिलाड़ियों की मिल रही सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों को दिल खोल कर खेल मैदान सहित अन्य संसाधनों का उपहार दिया है। जिले के सन्ना में आधुनिक सुविधाओं से लैस तीरंदाजी अकादमी शुरू करने के साथ ही शहर के रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा हो चुकी है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रोटर्फ हाकी मैदान के पास बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण जारी है। इसके साथ ही कुनकुरी में स्पोर्ट काम्प्लेक्स और नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव तक के स्टेडियम व मैदानों की जीणोँधार की स्वीकृति दी जाा रही है। खेल के आधारभूत ढांचा में सुधार होने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार होना तय माना जा रहा है।