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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करडेगा के प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर को कारण बताओ नोटिस जारी, तीन दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर देना होगा जवाब

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जशपुर। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर को कारण बताओ नोटिस जारी कर न्यायोचित लिखित जवाब 03 दिवस के भीतर समक्ष स्वतः उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

विदित हो कि शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों के संबंध में तहसीलदार एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला का संयुक्त प्रतिवेदन अनुसार विस्तृत जांच हेतु गठित जांच दल के द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन सह आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है। जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं दस्तावेजों के परीक्षण से शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध विभिन्न गंभीर अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त हुई है।

प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर विद्यालय से अधिकतर अनुपस्थित रहते हैं एवं उनके द्वारा विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ली जाती है, जबकि प्राचार्य को नियमित रूप से 02 कक्षाएं लेने संबंधी प्रावधान हैं। विद्यालयीन कार्यों में रूचि नहीं होने के कारण विद्यालयीन व्यवस्था प्रतिकूलतः प्रभावित हुई हैं। जैसे विद्यालय में स्वच्छ पेयजल का अभाव, स्वच्छ शौचालय का अभाव, 11 वीं कॉमर्स की कक्षा में सीपेज के पश्चात फर्नीचर खराब होना, पंखा एवं विद्युत उपकरण क्रियाशील नहीं होना, क्रीडा सामग्रियों का उपयोग नहीं होना, एनएसएस एवं स्काउट गाईड की गतिविधियां नहीं होना इत्यादि।

प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देशों व आदेशों का अवहेलना किया जाता है। इस संबंध में 13 अप्रैल 2025 को विद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देने के बावजूद भी उनके द्वारा उन निर्देशों के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसके पश्चात विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला द्वारा कारण बताओ नोटिस 21 अगस्त 2025 को जारी किया गया। महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में श्री मधुकर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति दुर्व्यवहार एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। जैसे-छात्राओं के विरूद्ध अपशब्द एवं अमर्यादित भाषाशैली का प्रयोग किया जाना, छात्रों से अपमानजनक भाषाशैली का प्रयोग करना, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन काटने की धमकी दिया जाना, विद्यार्थियों को टीसी काटने की धमकी देना इत्यादि। उक्त व्यवहार के कारण विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कार्य निर्वहन में परेशानी हो रही है तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधि प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है।

विद्यालयीन आबंटन राशि का अनुचित रूप से आहरण कर निर्धारित मद अंतर्गत संबंधित कार्यों हेतु उपयोग नहीं किया जाता है। विद्यालयीन अधोसंरचना की वर्तमान स्थिति से उक्त तथ्य की पुष्टि होती है। विद्यालयीन कैश बुक एवं स्थानीय निधि पंजियों का संधारण नहीं किया गया है। बिल व्हाउचर तथा स्टाक पंजी संधारित नहीं है। उनके द्वारा एनएसएस की गतिविधि कराए बिना राशि का अनुचित रूप से आहरण किया गया है। उनके द्वारा विद्यार्थियों से अधिक एडमिशन फीस लिए जाने संबंधी तथ्य प्रकट हुए है। उक्त आधार पर गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं पदीय दायित्वों का दुरूपयोग किए जाने की पुष्टि हुई है।

विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक, मानसिक गतिविधियों के संबंध में प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव पाया गया है।उनके द्वारा कक्षाओं का निरीक्षण नहीं किया जाता है और न ही विद्यार्थियों के गतिविधियों का अवलोकन किया जाता है। यशस्वी जशपुर कार्यक्रम अंतर्गत निर्धारित क्रियाकलापों का पालन नहीं किया जाना, दैनन्दिनी अवलोकन, शिक्षक पालक बैठक का नियमित संचालन, उपचारात्मक शिक्षण, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि कार्यों के निगरानी के अभाव में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास प्रतिकूलतः प्रभावित हो रहा है, जिसकी पुष्टि विद्यार्थियों के द्वारा की गई है। पूर्व में भी अनुविभागीय अधिकारी (रा०) कुनकुरी के द्वारा प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध टीसी के एवज में अधिक राशि की मांग एवं अनुचित व्यवहार कार्यालयीन स्टाफ के साथ मानसिक प्रताड़ना तथा अभद्र टिप्पणी की जांच किया गया जिसमें तथ्यों को सही पाते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा सहित पत्र कार्यालय को पत्र प्रेषित किया गया है। इसी प्रकार अध्यक्ष, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, शा०उ०मा०वि० करडेगा के द्वारा दिनांक 28 मार्च.2023 को उनके कार्यशैली एवं अनुचित व्यवहार की शिकायत की गई है। शा० उ०मा०वि० करडेगा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के द्वारा 29 मार्च 2023 को उनके मनमाने व्यवहार, दबावपूर्ण कार्यशैली. अमर्यादित टिप्पणी के आधार पर उनके विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर को पत्र प्रेषित किया गया है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के कारण बताओ नोटिस 03 मार्च 2025 को जारी कर 13 बिन्दुओं के संबंध में जवाब चाहा गया है। उक्त समस्त शिकायतें एवं जांच प्रशासनिक दक्षता, कार्यशैली एवं व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है तथा इंगित करता है कि प्राप्त शिकायतें पूर्व से ही प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के कार्यव्यवहार एवं आचरण में सम्मिलित रही हैं एवं उनका पद पर बने रहना विद्यार्थियों एवं विद्यालयीन शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों के सर्वथा विपरीत है। उक्त बिन्दुओं के आधार पर क्यों न उनके विरूद्ध छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे? इस संबंध में न्यायोचित लिखित जवाब 03 दिवस के भीतर समक्ष स्वतः उपस्थित होकर प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। समयावधि में समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में प्राचार्य श्री गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी होगी।

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