जशपुर। जशपुर जिले के तपकरा थाना में पदस्थ इंस्पेक्टर ,थाना प्रभारी तपकरा, संदीप कौशिक छत्तीसगढ़ पुलिस आचरण सेवा नियम की खुलकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
आज शुक्रवार को सायं 4:37 बजे मैं अपनी 75 साल की बूढी मां के साथ तपकरा थाना गया था। इस दौरान तपकरा थाना प्रभारी संदीप कौशिक सर तंबाकू युक्त गुटका चबा रहे थे जिसकी बदबू कहें या खुशबू मेरे नाख तक पहुंच रही थी इसकी बदबू से मेरी 75 साल की बूढी मां, जिसे अस्थमा, शुगर, बीपी, गठियावात और किडनी की समस्या है वह भी वहां बैठने में असहज महसूस कर रही थी। इसी दौरान मैं तपकरा थाना परिसर में उनके द्वारा जमीन पर गुटका खाकर थूके गए थूक का फोटो खींचकर, फोटो सरगुजा आईजी सर को उनके व्हाट्सएप पर सेंड किया हूं। अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि तपकरा थाना प्रभारी संदीप कौशिक सर को ड्यूटी के दौरान नशापान करने का अधिकार किसने दिया है। एक आम व्यक्ति अगर गुटखा खाकर थाना पहुंच जाए तो थाना प्रभारी उस व्यक्ति के खिलाफ में कैसे पेश आएंगे किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का इंस्पेक्टर कर्तव्य के दौरान थाना परिसर में तंबाकू युक्त गुटका खाकर थूक नहीं सकता है, क्योंकि यह तंबाकू नियंत्रण कानूनों और विभागीय नियमों का उल्लंघन है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन पर रोक लगाने के सरकारी प्रयासों के विपरीत भी है, और इसके लिए कार्रवाई हो सकती है।
कोटपा अधिनियम (COTPA) 2003: यह अधिनियम सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू के सेवन और थूकने पर प्रतिबंध लगाता है, और पुलिस थाना भी एक सार्वजनिक स्थान (सरकारी कार्यालय) है।
कर्तव्य और अनुशासन : पुलिस अधिकारी कर्तव्य पर होते हैं, और उनका आचरण अनुशासित होना चाहिए। थाना परिसर में गुटका खाकर थूकना वर्दीधारी अधिकारी के पद और कर्तव्य के अनुरूप नहीं है।
स्वच्छता अभियान : सरकार ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसे स्वच्छता अभियानों को बढ़ावा दे रही है, और पुलिस को इसका पालन करना चाहिए।
कानूनी कार्रवाई : यदि कोई व्यक्ति शासकीय भवन या सार्वजनिक स्थान पर थूकता है, तो उस पर तंबाकू अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एसएसपी शशि मोहन सिंह एवं सरगुजा रेंज आईजी सर से मेरा निवेदन है कि तपकरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कौशिक का मेडिकल जांच आज ही कराया जावे और घटना का समय सायं 4:37 से लेकर सायं 5:50 तक का थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और इसका अलग से सीसीटीवी फुटेज निकालकर जांच कर, संबंधित के खिलाफ में कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि समाज में एक अच्छा संदेश जाए ताकि आने वाले समय में कोई भी पुलिस का अधिकारी कर्मचारी, जवान ड्यूटी के दौरान नशापन न करें।
अब देखना होगा इस गंभीर मामले में SSP शशि मोहन सिंह तपकरा थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हैं या नहीं।



