जशपुर । जिले के विभिन्न विद्यालयों में सतत विकास लक्ष्य-3 (SDG-3) के अनुरूप एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया। यह पहल जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को वैश्विक सिटिजन साइंस अभियानों से जोड़ना है।

कार्यशालाओं का संचालन मुंबई स्थित बायोकेमिस्ट, Foldscope International Fellow एवं AMR Ambassador डॉ. अनुपमा हर्षल वाडवलिकर द्वारा किया गया, जिनका विज्ञान शिक्षा एवं जन-जागरूकता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान SK Somaiya कॉलेज, मुंबई की छात्रा अरुषि द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने Foldscope (ओरिगामी आधारित कागज से निर्मित सूक्ष्मदर्शी) के माध्यम से अपने आसपास के सूक्ष्म जीव जगत—मिट्टी के फंगस, जल जीव, पौधों की कोशिकाएं एवं बैक्टीरिया—का अवलोकन किया। प्रत्येक सत्र के अंत में विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे आगामी सत्रों की दिशा निर्धारित की गई।
इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने स्थानीय पर्यावरण के सूक्ष्म जीवन को समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरणीय जागरूकता का विकास हो रहा है।
उक्त बहुदिवसीय कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी , बीआरसी, एवं विद्यालय प्रमुखों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उल्लेखनीय है कि इन कार्यशालाओं के संचालन हेतु न बिजली, न प्रयोगशाला एवं न ही महंगे उपकरणों की आवश्यकता रही, जिससे सीमित संसाधनों में भी प्रभावी विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सका।
क्या है Frugal Science?
फ्रुगल साइंस’ (Frugal Science) या मितव्ययी विज्ञान का अर्थ है- कम लागत, कम संसाधनों और रचनात्मकता का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक उपकरण या समाधान विकसित करना। इसे आम भाषा में ‘जुगाड़’ का वैज्ञानिक रूप भी कह सकते हैं, जहाँ गुणवत्ता से समझौता किए बिना चीजों को सस्ता और सुलभ बनाया जाता है।



