Home छत्तीसगढ़ कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा : शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी...

कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा : शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का नहीं किया जाएगा समझौता, लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार होगी कार्रवाई ,बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, बिना ठोस कारण अनुपस्थित रहने वालों पर होगी कार्यवाही, अनुपस्थित छात्रों के पालकों से नियमित संपर्क स्थापित करने के निर्देश

188
0
IMG-20260126-WA0014
IMG-20260126-WA0011
IMG-20260126-WA0010
IMG-20260126-WA0012
IMG-20260126-WA0013
IMG-20260126-WA0015
IMG-20260126-WA0016
IMG-20260126-WA0017
IMG-20260126-WA0018
IMG-20260126-WA0019
IMG-20260126-WA0020
IMG-20260126-WA0021
IMG-20260126-WA0022
IMG-20260126-WA0023
IMG-20260126-WA0024
IMG-20260126-WA0025
IMG-20260126-WA0026
IMG-20260126-WA0027
IMG-20260126-WA0028
IMG-20260126-WA0029
IMG-20260126-WA0014 IMG-20260126-WA0011 IMG-20260126-WA0010 IMG-20260126-WA0012 IMG-20260126-WA0013 IMG-20260126-WA0015 IMG-20260126-WA0016 IMG-20260126-WA0017 IMG-20260126-WA0018 IMG-20260126-WA0019 IMG-20260126-WA0020 IMG-20260126-WA0021 IMG-20260126-WA0022 IMG-20260126-WA0023 IMG-20260126-WA0024 IMG-20260126-WA0025 IMG-20260126-WA0026 IMG-20260126-WA0027 IMG-20260126-WA0028 IMG-20260126-WA0029

जशपुर। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तथा व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, जश लर्न कार्यक्रम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा तथा सभी विकासखंडों के बीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने सभी शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना किसी ठोस कारण के दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।कलेक्टर ने जिन विद्यालयों में अभी तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हुई हैं, वहां शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए अनुपस्थित छात्रों के पालकों से नियमित संपर्क स्थापित कर अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक पहल करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय में सभी विद्यार्थियों के पालकों के अद्यतन मोबाइल नंबर उपलब्ध रहें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।

कलेक्टर श्री व्यास ने पात्र छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय-सीमा में साइकिल वितरण पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।स्मार्ट क्लास की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल का प्रभावी संचालन आना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में एक आईटी मॉनिटर बनाने का सुझाव दिया, जो स्वयं डिजिटल उपकरणों का बेहतर उपयोग सीखकर अन्य विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित कर सके।

जश लर्न कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने पर हुई चर्चा –
बैठक में कलेक्टर ने जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल जश लर्न कार्यक्रम की भी समीक्षा की। इस दौरान कार्यक्रम के कंट्री हेड श्री रोहन एवं राज्य प्रमुख श्री सुभाष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने जश लर्न कार्यक्रम के बेहतर संचालन और कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही शिक्षा अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया। उल्लेखनीय है कि जश लर्न कार्यक्रम की शुरुआत फरसाबहार विकासखंड में एक सफल पायलट परियोजना के रूप में की गई थी।सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे जिले के सभी विकासखंडों में विस्तारित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को मजबूत बनाना तथा सीखने की प्रक्रिया में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापक नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों की जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत गणितीय दक्षताओं का आकलन किया जाता है। जिन बच्चों को किसी विशेष गणितीय अवधारणा में कठिनाई होती है, उन्हें सरल भाषा में चरणबद्ध तरीके से नियमित मार्गदर्शन एवं अभ्यास कराया जाता है। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई विद्यालय के साथ-साथ घर पर भी निरंतर जारी रहती है और उनकी सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here