जशपुर। जशपुर जिले से बड़ी खबर है। फरसाबहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन , सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रविंद्रनाथ साय व बीआरसीसी देवेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ जांच हेतु कलेक्टर रोहित व्यास ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। शिक्षकों के साथ कथित आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और पद का दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार को लेकर सहायक शिक्षक फेडरेशन ने 5 अगस्त 2026 को कलेक्टर रोहित व्यास से मिलकर शिकायत आवेदन सौंपी थी। जिसके बाद 16 अगस्त 2026 को कलेक्टर रोहित व्यास ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच समिति को सात दिवस के भीतर जांच पूरी कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। जांच समिति में मुख्य कार्यपाली जिला पंचायत जशपुर अभिषेक कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है वहीं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा सदस्य एवं लेखा अधिकारी जिला पंचायत को सदस्य बनाया गया है। यह जांच दल सात दिवस के भीतर कलेक्टर रोहित व्यास को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। मिली जानकारी मुताबिक कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा 16 अगस्त 2026 को जांट समिति गठित की गई है आदेश के अनुसार आज चार दिन बीत चुके हैं । अब देखना होगा क्या, जांच दल 3 दिन के भीतर कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन पेश कर पाती है या नहीं। क्योंकि जशपुर जिले में यह देखा गया है कि जब भी कोई मीडिया में किसी अधिकारी के खिलाफ खबरें चलती हैं तो जिला प्रशासन आनन-फानन में जांच समिति गठित तो कर देती है लेकिन जांच सात दिवस के भीतर क्या महीनो बाद भी पूरी नहीं हो पाती है।

आपको बता दें विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन की पोस्टिंग आज से लगभग 3 साल पहले विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार के पद पर हुई थी। तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी सी. आर. भगत के द्वारा आज से लगभग 3 साल पहले विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन को कार्यभार सौंपा गया था। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग का सख्त निर्देश है कि जिस भी कर्मचारी या अधिकारी की पोस्टिंग 3 साल पूरी हो गई है ऐसे कर्मचारी या अधिकारी को उस जगह से हटाना है लेकिन बताया जाता है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन अपनी पहुंच और पैसों के दम पर अपना स्थानांतरण रुकवा लेते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक पिछले 3 वर्षों से फरसाबहार विकासखंड के कई ऐसे टीचर हैं जो इसके प्रताड़ना के शिकार हुए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन अपने चेंबर में बुलाकर शिक्षकों के साथ बद्तमीजी करते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। आपको बता दें जशपुर जिला आदिवासी बहुल जिला है। यहां के भोले भाले आदिवासी डरते हैं और अपने अधिकारी के खिलाफ में नहीं जाना चाहते हैं इसी वजह से ऐसे अधिकारियों का मनोबल बढ़ा रहता है और बारंबार में ऐसे आदिवासी वर्ग के कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय फरसाबहार में भी नियुक्त एक कर्मचारी के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन के द्वारा बदतमीजी की गई थी लेकिन वह कर्मचारी डर की वजह से इसके खिलाफ कहीं भी शिकायत नहीं किया। बताया जाता है विकासखंड शिक्षा अधिकारी धौंस दिखाते हुए अपने शिक्षकों को कहते हैं कि मैं हाई कोर्ट बिलासपुर में प्रेक्टिस किया हूं । मैं वेल क्वालिफाइड वकील हूं। आप मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। मैं नियम कानून का ज्ञाता हूं ,आप कहीं भी जाओगे तो मेरा कुछ होने वाला नहीं है।

अब देखना होगा की क्या जांच समिति आने वाले तीन दिनों में अपनी जांच पूरी कर, कलेक्टर रोहित विकास को जांच प्रतिवेदन पेश कर पाएंगे या नहीं।



