जशपुर। जशपुर जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी प्रयासों के परिणाम स्वरूप जिले में पर्यटन को एक नया आयाम मिला है। प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों पर शुरू की गई होम स्टे विकास योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रही है।

जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरे गांव में ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होम-स्टे का 4 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने और 04 अप्रैल 2026 को राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अवलोकन कर सराहना की। दोनों अतिथियों ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार व्यंजनों का स्वाद चखा और स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और आतिथ्य परंपरा का अनुभव लिया।

जशपुर जिले में Homestays of India टीम द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। 25 जनवरी 2026 को Homestays of India, छत्तीसगढ़ सरकार एवं जशपुर जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। जिले में वर्तमान में केरे, छिछली र, दनगरी, मयाली, घोघरा (बलाझार) जैसे स्थानों में होम स्टे सूचीबद्ध हैं।
परिणामस्वरूप देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब बड़े होटलों के बजाय स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव करने के लिए इन होम स्टे का रुख कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पलायन पर रोक जैसे लाभ मिल रहे हैं।
जिले में वर्तमान में मयाली में बनफूल होमस्टे श्री नेलसन मिंज मो.नं. 6261364164, केरे-देशदेखा में महुआ होमस्टे श्री विश्वनाथ राम, अमराई होमस्टे श्री शिवचरण राम एवं बीजा होमस्टे श्रीमती सुखमनी बाई मो.नं. 9302184255, खुड़ियारानी (छिछली र) में गेंदा फूल होमस्टे श्री देवनारायण यादव मो.नं. 7974408577, दनगरी में पलाश होमस्टे श्री मतरू राम मो.नं. 9009192294 एवं घोघरा (बालाझार) में कुमुद होमस्टे श्री मनोज कुमार पैंकरा मो.नं. 8889969617 विकसित किये गये हैं। यहां पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग, ग्राम भ्रमण, कृषि कार्य, पारंपरिक भोजन और जनजातीय संस्कृति के अनुभव जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं।



