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अमित शाह के दौरे से पहले मणिपुर में फिर भडक़ी हिंसा, पुलिसकर्मी सहित 5 की मौत

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इंफाल । मणिपुर में फिर हिंसा की आग भडक़ गई है। ताजा हिंसा की घटनाओं में एक पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल हुए हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा भडक़ने के बाद हुई फायरिंग की घटनाओं में लोगों की मौत हुई है।
यही नहीं सेना और पुलिस की कार्रवाई में बीते 4 दिनों में 40 उग्रवादी भी ढेर किए गए हैं। सीएम बीरेन सिंह ने रविवार को ही बताया था कि मणिपुर में 40 सशस्त्र कूकी उग्रवादियों को मार गिराया गया है। मणिपुर में 3 मई के बाद से ही हिंसा का दौर जारी है। राज्य की राजधानी इम्फाल के आसपास बसे मैतेई समुदाय और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कूकी समुदायों के बीच यह हिंसा चल रही है। इसकी वजह मणिपुर हाई कोर्ट का एक फैसला बना है, जिसमें उसने सरकार को सलाह दी थी कि उसे मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए।
इस प्रस्ताव को लेकर कूकी समुदाय भडक़ गए थे और उन्होंने इसके खिलाफ रैली निकाली थी। उस रैली के दौरान हिंसा भडक़ गई थी और तब से हालात को संभाला नहीं जा सका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मणिपुर की हिंसा में अब तक 79 लोग मारे जा चुके हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कूकी उग्रवादी हथियारों से लैस हैं और वे हिंसा को बढ़ा रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि राज्य के विधायकों और मंत्रियों तक को उपद्रवी नहीं बख्श रहे हैं और उनके घरों में हमले किए जा रहे हैं।
राज्य में 3 मई के बाद से ही कई इलाकों में कर्फ्यू लगा है। बीते दिनों कुछ राहत दी भी गई थी, लेकिन फिर से हिंसा का दौर शुरू होने के बाद एक बार फिर सख्ती बढ़ाई गई। जैसे इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट जिलों में कर्फ्यू में ढील देते हुए सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक लोगों को अनुमति दी गई थी। लेकिन अब इस टाइम को घटा दिया गया है और लोगों को सुबह 11:30 बजे तक ही घर से बाहर निकलने की परमिशन है। इसके अलावा बिष्णुपुर में भी कर्फ्यू में ढील सुबह 5 बजे से 2 बजे की बजाय 12 बजे तक ही रहेगी।
बता दें कि मणिपुर में जारी हिंसा का समाधान निकालने के लिए होम मिनिस्टर अमित शाह आज राज्य के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अलावा अन्य मंत्रियों एवं अहम संगठनों के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह हिंसा से निपटने और सुलह का रास्ता क्या हो सकता है। इस पर विचार करेंगे। उनका दौरा मणिपुर हिंसा से निपटने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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