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SBI कियोस्क सेंटर का संचालक संदीप यादव गिरफ्तार, KYC के नाम से बैंक खाताधारकों की फिंगर प्रिंट लेकर अपने खाते में लाखों रुपए किया था ट्रांसफर

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जशपुर। SBI कियोस्क सेंटर का संचालक संदीप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी संदीप यादव काफी लंबे समय से कर्नाटक के बेंगलुरु में छिपा हुआ था। आरोपी KYC के नाम से बैंक खाताधारकों की फिंगर प्रिंट लेकर अपने खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर कर लिया था। इसके खिलाफ कुनकुरी थाने में अपराध पंजीबद्ध हो गया जिसके बाद से ही आरोपी फरार था।

दिनांक 06.01.25 को आशीष भदौरिया , उम्र 35 वर्ष , निवासी होशंगाबाद, थाना मीरशोद, जिला भोपाल ने जो, आईसेक्ट लिमिटेड के अधिकारी हैं, ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराया था,कि आम ग्राहकों को सुविधा देने के लिए भारत सरकार की वित्तीय समायोजन योजना के अंतर्गत, भारतीय स्टेट बैंक व आईसेक्ट लिमिटेड के बीच अनुबंध हुआ है, जिसके अंतर्गत आईसेक्ट लिमिटेड के द्वारा योग्य प्रत्याशियों का चयन किया जाता है, जिन्हें भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा कस्टमर सर्विस प्वाइंट दिया जाता है, जिसके अंतर्गत उन्हें निर्धारित क्षेत्र में ग्राहकों की खाता खोलने व अन्य बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति दी जाती है। उक्त योजना के अंतर्गत आरोपी संदीप यादव, निवासी रेमते, रोड, कुनकुरी को भी भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र, कियोस्क सेंटर खोलने की अनुमति दी गई थी। इसी दौरान उन्हें भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कुनकुरी शाखा के द्वारा आईसेक्ट लिमिटेड को जानकारी दी गई थी कि कियोस्क संचालक संदीप यादव के द्वारा विभिन्न खाताधारको के खातों से अनाधिकृत रूप से राशि निकालकर गबन किया है। इस संबंध में आईसेक्ट लिमिटेड के अधिकारियों के द्वारा शिकायतों के संबंध में भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा कुनकुरी में जाकर 59 शिकायतों की जांच की तो पाया कि आरोपी संदीप यादव के द्वारा SBI कुनकुरी की खाता धारकों क्रमशः सुमित्रा बाई से रू 10,000, जानकरी देवी रू 19,000, शशिलता एक्का रु 10,000, श्रीमती रूथा खलखो से रु 20,000, रेखा केरकेट्टा रु 30,000, जयमती बाई रु 12,000, प्रमिला बाई रु 1,50,000, कैलाश सिंह रु 50,000, अंजेला तिग्गा रु 20,000, फूलमती बाई रु 90,000, बालमुनी बाई रु 28,000, विनोद राम रु 44,000, आशा बाई रु 15,000, चित्री बाई रु 30,000, जमिना जेस रु 60,000, मौरावती बाई रु 1,50,000, तेहलू सिंह रु 1,80,000, जगरनाथ गिरी रु 8,000, गुड्डी बाई रु 18,000, सुनीता बेश्रा रु 28,700, नीलांबर राम रु 1,07,000 , इस प्रकार कुल 10लाख 79हजार 700 रु की हेराफेरी की स्थिति स्पष्ट हुई ।

कियोस्क संचालक संदीप यादव अपने व्यक्तिगत हितो की पूर्ति के लिए विभिन्न शिकायतकर्ताओं के खातों से लगभग राशि रु 10,79,700 का गबन किया है. एवं स्टेट बैंक आफ इंडिया और आईसेक्ट लिमिटेड के साथ धोखाधड़ी की है। साथ ही इस बात की भी संभावना है कि अन्य खातेधारों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी के और भी प्रकरण है।

रिपोर्ट पर संदीप यादव पिता श्री जैलंबर यादव निवासी रेमते रोड ,पुरानी बस्ती कुनकुरी, थाना कुनकुरी के विरुद्ध थाना कुनकुरी में बी एन एस की धारा 316(5),318(4) व भा.द.वि. की धारा 420,408 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

आरोपी संदीप यादव घटना दिनांक से ही फरार था, पुलिस के द्वारा उसकी लगातार पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि आरोपी संदीप यादव, बैंगलोर में हैं, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के द्वारा आरोपी संदीप यादव की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित कर बैंगलोर रवाना की गई।

आरोपी संदीप यादव इतना शातिर था कि वह पुलिस की आने की भनक लगते ही फरार हो जाता था, और अपना लोकेशन बदलता रहता था। इस प्रकार जब जशपुर पुलिस की टीम बैंगलोर पहुंची तो, तो आरोपी संदीप यादव, पुलिस को चकमा देकर, ट्रेन में चढ़कर भागने लगा, परन्तु जशपुर पुलिस की टीम उस पर लगातार नजर रखे हुए थी, व टेक्निकल टीम के द्वारा उसे निरन्तर ट्रेस किया जा रहा था, कि इसी दौरान झारसुगुड़ा उड़ीसा, रेलवे स्टेशन पर टी टी ई की मदद से, जशपुर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी संदीप यादव को धर दबौचा । पुलिस के द्वारा आरोपी संदीप यादव के कब्जे से दो लैपटॉप, बायोमैट्रिक्स डिवाइस, ग्राहकों के लेने देन से संबंधित दस्तावेजों, रजिस्टरों, मोबाइल फोन व ठगी की रकम से बचा हुआ 10 हजार 05 सौ रुपए नगद को जब्त किया गया है।

पुलिस की पूछताछ पर आरोपी संदीप यादव ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसके द्वारा कियोस्क शाखा में आने वाले ग्रामीण ग्राहकों से kyc के नाम पर बायोमेट्रीक मारफो डिवाईस में अंगूठा लगवाकर ग्राहकों के रकम को अपने स्टेट बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लेता था और रकम निकाल लेता था।

आरोपी संदीप यादव के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी संदीप यादव के द्वारा गबन किए गए राशि
42 लाख रुपये तक जाने की संभावना है, जिसके सम्बन्ध में जांच जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि खाताधारकों से ठगी करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है, विवेचना के दौरान और भी प्रार्थी सामने आ रहे हैं, इसकी ठगी की रकम और भी बढ़ने की संभावना है।

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