जशपुर । मां और बेटी ने मिलकर 58 साल की महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। मृतिका के पुत्र ने अपनी ही मां के शव को ठिकाने लगाने में मां-बेटी का सहयोग किया। मृतिका हरावती का 29 साल का पुत्र भूषण 42 साल की आरोपिया श्यामपति से प्रेम करता था। यही वजह है कि भूषण ने अपनी ही मां के हत्यारिनो का सहयोग किया। पुलिस ने घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जशपुर पुलिस ने चौकी दोकड़ा क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में हत्या करने वाली दो महिलाओं तथा शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले मृतिका के पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
30.07.2026 को ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में हरावती बाई के मकान से तेज दुर्गंध आने तथा मकान के बाहर ताला लगे होने की सूचना चौकी दोकड़ा पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी एवं नायब तहसीलदार की उपस्थिति में घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान मकान के समीप निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ। शव की पहचान हरावती बाई (58 वर्ष) निवासी ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती के रूप में हुई।
प्रकरण में चौकी दोकड़ा में अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतिका के पुत्र भूषण राम की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। घटना के बाद उसका अपनी मां के अंतिम संस्कार एवं पंचनामा कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहना तथा लगातार घर से दूर रहना संदेह का कारण बना। पुलिस ने तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में भूषण राम ने बताया कि उसका पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से पिछले लगभग पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। वहीं मृतिका हरावती बाई एवं श्यामपति बाई के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था।
आरोपी के मेमोरेंडम कथन एवं विवेचना में एकत्रित साक्ष्यों से यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 24.07.26 की रात श्यामपति बाई एवं उसकी मां बुधमति बाई ने हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन जब भूषण राम को घटना की जानकारी हुई, तब दोनों महिलाओं ने उसे किसी को भी घटना की जानकारी नहीं देने के लिए कहा।
कुछ दिनों बाद शव से तेज दुर्गंध आने लगी, जिससे घटना के उजागर होने की आशंका उत्पन्न हुई। इसके बाद भूषण राम, श्यामपति बाई एवं बुधमति बाई ने मिलकर रात के समय हरावती बाई के शव को घर से निकालकर पास में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप ले जाकर गड्ढा खोदा तथा शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया।
आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर शव दफनाने में प्रयुक्त फावड़ा एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर विधिवत जब्त की गई। घटनास्थल निरीक्षण, एफएसएल परीक्षण, गवाहों के कथन, मेमोरेंडम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार तीनों आरोपी श्यामपति बाई (42 वर्ष) ,बुधमति बाई (65 वर्ष) एवं भूषण राम (29 वर्ष), को दिनांक 01.08.2026 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक प्रकरण की विवेचना जारी है।



