जशपुर। जशपुर जिले से बड़ी खबर है। FIR से संबंधित आवेदन वापस लेने का दबाव बनाने नरेंद्र बेहरा और दयाराम यादव आदिवासी महिला के घर पिछले दो 2 घंटे से डेरा डाल दिये हैं।
दयाराम यादव और नरेंद्र बेहरा दोनों मिलकर आदिवासी महिला से ठगी की घटना को अंजाम दिए हैं । 30 सितंबर और 2 अक्टूबर को आदिवासी महिला पत्थलगांव थाना पहुंचकर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कराने संबंधी आवेदन दी है।

पीड़ित आदिवासी महिला निर्मला मिंज के पति विजय मिंज ने ग्राउंड रिपोर्टिंग वेब न्यूज़ पोर्टल के संपादक संतोष गुप्ता को आज सवेरे ठीक 8:00 बजे कॉल कर बताया कि उसके घर में पत्थलगांव एसबीआई लाइफ शाखा के दयाराम यादव और नरेंद्र बेहरा एक कार में उसके यहां पहुंचे हुए हैं और दोनों व्यक्ति पत्थलगांव थाने में दिए हुए आवेदन को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।

आपको बता दें पीड़ित आदिवासी महिला निर्मला मिंज एक सम्मानित शिक्षिका है। और आज से लगभग 15 साल पहले एसबीआई लाइफ के एक एजेंट से पॉलिसी ली थी। पीड़ित आदिवासी महिला एक बीमारी से जूझ रही है जिसकी वजह से वह महिला अपने पुराने पॉलिसी को तोड़कर उस पैसे से अपना इलाज कराना चाहती थी। इसी वजह से महिला 10 अगस्त 2026 को एसबीआई लाइफ शाखा पत्थलगांव अपने पति व पुत्री के साथ पहुंची थी उस दौरान शाखा में मौजूद दयाराम यादव महिला से पूछा कि आप किस काम के लिए एसबीआई लाइफ शाखा पहुंचे हैं। इस पर महिला ने दयाराम यादव को बताया कि उनके द्वारा एक पुराना पॉलिसी कई साल पहले किया गया है जिसको वह तोड़कर अपने बीमारी का इलाज कराना चाहती है। इसी बीच में एसबीआई लाइफ शाखा में मौजूद नरेंद्र बेहरा भी महिला के पास में पहुंच गई और दोनों मिलकर महिला को बताने लगे कि आपको उक्त पॉलिसी को तोड़ने के लिए क्या-क्या दस्तावेज देना होगा। महिला निर्मला मिंज ने बताया है कि उस दिनांक को दयाराम यादव के द्वारा बोला गया कि उक्त पॉलिसी को बंद करने के लिए, तोड़ने के लिए, पैसा निकालने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो साइन किया हुआ ब्लैंक चेक देना होगा जिसके बाद महिला से कुछ फॉर्मेलिटी कराया गया। शाखा में आदिवासी महिला को ठग कर कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज में साइन भी करा लिया गया। महिला निर्मला मिंज ने बताया कि जिस दिन वह अपने पति के साथ एसबीआई लाइफ शाखा पत्थलगांव पहुंची थी वह अपने साथ चेक लेकर नहीं गई थी। दयाराम यादव ने महिला को बोला कि आप घर सुंडरूं पहुंचने के बाद तपकरा से अंबिकापुर चलने वाली बस में आप एक लिफाफ में दो चेक साइन करके ब्लैंक चेक आप भेज देना जिसके बाद महिला के द्वारा 12 अगस्त 2026 को तपकरा से अंबिकापुर चलने वाली बालाजी बस में दो चेक भेज दी। चेक भेजने के बाद में दयाराम यादव के द्वारा एक ब्लैंक चेक का उपयोग किया गया और ₹200000 की राशि नरेंद्र बेहरा के अकाउंट में 13 अगस्त 2026 को डाल दिया गया। महिला के मुताबिक पुराने पॉलिसी का राशि 363000 उसके खाते में जमा हुआ था। इस राशि का उपयोग ₹200000 का चेक में राशि डालकर नरेंद्र बेहरा नाम के व्यक्ति के खाते में डाल दिया गया। जब इस बात की जानकारी पीड़ित आदिवासी महिला को हुई तो वह दयाराम यादव को कॉल करके इस बात की जानकारी ली इसके बाद दयाराम यादव ने महिला को बताया कि ₹200000 में से 152000 का एक पॉलिसी कर दिया गया है इसके बाद महिला नाराज होकर उससे बोली कि मैं बीमारी के इलाज के लिए आपके शाखा में पॉलिसी को तोड़कर पैसा के लिए गई थी और आप कैसे मेरे परमिशन के बगैर एक नया पॉलिसी कर दिए और इसके बाद महिला उससे वाद-विवाद करने लगी जिसके बाद में महिला के खाते में दयाराम यादव के द्वारा ₹50000 डाल दिया गया। महिला निर्मला मिंज ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को नरेंद्र बेहरा महिला के द्वारा भेजा गया दूसरे चेक का उपयोग कर परेश्वर यादव नाम के व्यक्ति के खाते में 103180 रुपए उसके खाते में डाल दिया।

पीड़ित आदिवासी महिला निर्मला मिंज ने बताया कि इस घटना के बाद वह काफी दुखी थी और 29 सितंबर 2026 को पत्थलगांव थाना पहुंचकर नरेंद्र बेहरा और दयाराम यादव के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने के लिए एक लिखित आवेदन पत्थलगांव थाने में पदस्थ एएसआई बैजंती किंडो को दी। आवेदन देखने के बाद ASI बैजंती किंडो महिला से बोली कि आज हमारे यहां थाना प्रभारी नहीं है आप कल आ जाईयेगा। महिला ने बताया कि उस वक्त एएसआई बैजंती किंडो के द्वारा आरोपी नरेंद्र बेहरा को कॉल कर इसकी सूचना दी गई। इस घटना के बाद पीड़ित महिला निर्मला मिंज पत्थलगांव थाने से अपने पति और पुत्री के साथ घर लौट गई उसके बाद दूसरे दिन 30 सितंबर 2026 को महिला पुनः लिखित आवेदन लेकर पत्थलगांव थाना पहुंची और आवेदन पर पावती भी ली पर उस दिन कुछ कार्यवाही नहीं हो पाई क्योंकि उस दिन सिविल अस्पताल के सामने कुछ व्यक्तियों के द्वारा चक्का जाम किया गया था जिसकी वजह से सारे पुलिस के स्टाफ व्यस्त थे, जिसके बाद वह महिला अपने पति के साथ सुंडरू लौट गई।
2 अक्टूबर 2026 को वह महिला फिर से एक आवेदन लेकर पत्थलगांव थाने पहुंची थी क्योंकि 30 सितंबर 2026 को नरेंद्र बेहरा और दयाराम यादव के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट से संबंधित आवेदन देने के बाद इसकी जानकारी जब दयाराम यादव और नरेंद्र बेहरा को हुई इसके बाद नरेंद्र बेहरा और दयाराम यादव 1 अक्टूबर 2026 को महिला के घर सुंडरू रात के लगभग 8:00 बजे पहुंचकर, महिला के पति विजय मिंज और आदिवासी महिला निर्मला मिंज को आवेदन वापस लेने की धमकी देकर आए थे। 2 अक्टूबर 2026 को आवेदन देने के बाद पत्थलगांव थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर भागवत नायकर के द्वारा आदिवासी महिला का लिखित बयान भी दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद आज सवेरे आदिवासी महिला निर्मला मिंज के पति विजय मिंज ने ग्राउंड रिर्पोटिंग पोर्टल के संपादक संतोष गुप्ता को कॉल कर बताया कि एसबीआई लाइफ शाखा पत्थलगांव में कार्यरत दयाराम यादव और नरेंद्र बेहरा एक कार में उनके घर पहुंचे हैं और और गांव के ही दो व्यक्ति मोहन यादव और अलेक्सियूस को अपने साथ लेकर पत्थलगांव थाने में दिए गए दोनों आवेदन को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
पत्थलगांव पुलिस की घोर लापरवाही उजागर :
इस घटना ने यह तो साबित कर दिया है कि इस मामले में पत्थलगांव थाना में पदस्थ एएसआई, हेड कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर की मिली भगत है। अगर समय रहते महिला के आवेदन पर विचार कर लिया गया होता तो आज नरेंद्र बेहरा और दयाराम यादव आदिवासी महिला निर्मला मिंज के घर पहुंच कर इनको समझाने का प्रयास नहीं करते। ये दोनों के दोनों आरोपी आज सलाखों के पीछे होते।



