Home छत्तीसगढ़ 3 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बन रहा भालूमुंडा से...

3 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बन रहा भालूमुंडा से खजूरबाहर मार्ग कोकिया नाला में उच्च स्तरीय पुल, सीमावर्ती गांवों को मिलेगी बारहमासी आवागमन की सुविधा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर तेजी से हो रहा पुल निर्माण कार्य

99
0
33 (1)
27 (1)
7 (2)
40 (1)
39 (1)
38 (1)
37 (1)
36 (1)
35 (1)
34 (1)
32 (1)
31 (1)
30 (1)
29 (1)
28 (1)
26 (1)
25 (1)
24 (1)
23 (1)
22 (1)
21 (1)
20 (2)
19 (2)
18 (2)
17 (2)
16 (2)
15 (2)
13 (2)
14 (2)
12 (2)
11 (2)
10 (2)
9 (2)
8 (2)
6 (2)
5 (2)
4 (2)
3 (2)
2 (2)
1 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM
WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)
33 (1) 27 (1) 7 (2) 40 (1) 39 (1) 38 (1) 37 (1) 36 (1) 35 (1) 34 (1) 32 (1) 31 (1) 30 (1) 29 (1) 28 (1) 26 (1) 25 (1) 24 (1) 23 (1) 22 (1) 21 (1) 20 (2) 19 (2) 18 (2) 17 (2) 16 (2) 15 (2) 13 (2) 14 (2) 12 (2) 11 (2) 10 (2) 9 (2) 8 (2) 6 (2) 5 (2) 4 (2) 3 (2) 2 (2) 1 (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.13 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.16 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (2) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.15 AM (1) WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM WhatsApp Image 2026-08-16 at 8.30.14 AM (2)

जशपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। इसी कड़ी में फरसाबहार विकासखंड के कोकिया नाला पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। लगभग 3 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का करीब 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सेतु निगम द्वारा फरवरी 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बारिश में आवागमन की समस्या से मिलेगी राहत :
कोकिया नाला पर पुल का निर्माण पूरा होने से बरसात के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली आवागमन संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। मानसून के दौरान नाले में पानी भर जाने से खेजूरबहार और आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता था। इससे ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों, बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर होगा समाप्त :
वर्तमान में भालूमुंडा और खेजूरबहार के बीच कोकिया नाला पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दूसरे मार्ग से होकर लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद यह परेशानी दूर होगी और ग्रामीणों को सीधे मार्ग से आवागमन की सुविधा मिलेगी।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती गांवों को होगा लाभ :
इस पुल का लाभ फरसाबहार विकासखंड के खेजूरबहार, भालूमुंडा सहित आसपास के अनेक गांवों के लोगों को मिलेगा। साथ ही ओडिशा सीमा से लगे गांवों के निवासियों के लिए भी आवागमन आसान होगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

किसानों और विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी :
उच्च स्तरीय पुल बनने से किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। वहीं विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था बेहतर होने से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पुल निर्माण कार्य में हो रही प्रगति से क्षेत्र के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कोकिया नाला क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा और सीमावर्ती गांवों के लोगों को वर्षभर बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here