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किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने में छत्तीसगढ का यह जिला टॉप वन पर, एक माह में 77 प्रतिशत किसानों से हुई धान की खरीदी

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रायपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान करने पर कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में टॉप पर पहुंच गया है। कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान खरीदी से लेकर अब तक एक माह में 77 हजार 454 पंजीकृत किसानो से कुल 25 लाख 90 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी राशि 478 करोड 50 लाख रूपए है। इस प्रकार 77 प्रतिशत पंजीकृत किसानों के द्वारा पंजीकृत धान के रकबे में से 65 प्रतिशत रकबा के विरुद्ध धान का विक्रय किया जा चुका है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिले के सभी पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। उन्होने किसानों से धान खरीदी के संबंध में फलाई जा रही अफवाहों को ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों प्रतिदिन के धान क्षमता के आधार पर किसानों को टोकन जारी किया जा जा रहा है। धान खरीदी कार्य किसी भी प्रकार का प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे, इसके लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में अब तक जिस प्रकार धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से निरंतर जिला प्रशासन को सहयोग मिल रहा है, आज उसी का परिणाम है कि जिले में सुगम और शांति पूर्ण ढंग से धान खरीदी हो रही है।
कबीरधाम जिले में 94 धान खरीदी केन्द्र है। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या एक लाख सात सौ ग्यारह है। पंजीकृत धान का रकबा 108812 है। 2.5 एकड़ से कम भूमि धारित करने वाले पंजीकृत जिले में 64 हजार 90 किसानों है, जिसमें से 50 हजार 90 किसानों की धान का विक्रय कर चुके हैं इनके द्वारा अब तक कुल 9 लाख 52 हजार 390 क्विंटल धान का विक्रय किया जा चुका है जिसकी लागत 179 करोड़ है।
जिले में 2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक की भूमि धारित करने वाले पंजीकृत 24 हजार 8 सौ 78 किसानों में से 18 हजार 918 किसानों के द्वारा 9 लाख 22 हजार 888 क्विंटल धान का विक्रय किया गया है जिसकी राशि 174 करोड रूपए है। इस प्रकार 78 प्रतिशत पंजीकृत सीमांत लघु किसानों के द्वारा धान का विक्रय किया गया है। धान खरीदी शुरू होने से लेकर अब तक पिछले एक महिने में कुल पंजीकृत एक लाख 711 किसानों में से 77 हजार 454 किसानों से कुल 25 लाख 90 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी राशि 478 करोड 50 लाख रूपए है। इस प्रकार 77 प्रतिशत पंजीकृत किसानों के द्वारा पंजीकृत धान के रकबे में से 65 प्रतिशत रकबा के विरुद्ध धान का विक्रय किया जा चुका है।
वर्ष 2020 से कोविड 19- कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लाकडाउन एवं अन्य कारणों से बारदाना तैयार नहीं होने के कारण कबीरधाम जिले में आवश्यक नए बारदाना प्राप्त नहीं होने से धान की व्यवस्था प्रभावित ना हो करके राईस मिलर और पीडीएस दुकानों में गत वर्षो के उपलबध शत प्रतिशत बारदाना का उपयोग अभी तक की धान खरीदी में किया गया है। वर्तमान बारदानों की कमी की देखते हुए धान खरीदी की व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा द्वारा किसानों से उनके धान की खरीदी के लिए आवश्यक बारदानों के 50 प्रतिशत बरदाना शासकीय दर पर उपलब्ध कराने की अपील की गई थी, जिसके परिणाम भी अच्छे आए हैं और किसानों के द्वारा बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कलेक्टर शर्मा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में जो भी पंजीकृत किसानों के द्वारा धान खरीदी के लिए टोकन दिया जाएगा उनका धान अवश्य रूप से खरीदा जाएगा। किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने के लिए आग्रह किया गया है। वर्तमान में जिले में बारदाना की कमी को देखते हुए 15 जनवरी तक उन किसानों को टोकन जारी कर धान खरीदी की जाएगी जिनके द्वारा न्यूनतम 50 प्रतिशत धान खरीदी के लिए दी जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि कि जिले में 15 जनवरी तक जिले में बारदाना समुचित मात्रा में प्राप्त हो जाएगा। जो किसान बारदाना की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं उनका धान 15 जनवरी के बाद खरीदी की जाएगी। इस प्रकार जिला प्रशासन के द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था बनाया गया है, जिला कलेक्टर के द्वारा सभी किसानों को धान खरीदी प्रारंभ होने से आज तक तक धान खरीदी व्यवस्था में जिला प्रशासन का साथ देने के लिए धन्यवाद देते हुए आगामी एक माह भी इसी प्रकार का साथ देने की अपील करते हुए सभी किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो पंजीकृत किसान धान विक्रय करना चाहता है उसे व्यवस्था अनुसार टोकन जारी कर उनका धान निर्धारित समय अवधि में अवश्य खरीदा जाएगा।

जिले में अब तक 6 लाख 10 हजार क्विंटल धान का उठाव :

जिले में अब तक किए गए धान में से 6 लाख 10 हजार क्विंटल धान का उठाव सोसाइटी से किया जा चुका है। मार्कफेड के द्वारा वर्तमान में अधिकतम कैपेसिटी में धान का उठाव संग्रहण केंद्र के लिए किया जा रहा है। जिले में राइस मिलर की संख्या कम होने तथा अन्य जिलों के राइस मिलर के द्वारा धान उठाव नहीं होने के कारण प्रतिदिन खरीदी की जा रही है धान के केवल 40 प्रतिशत धान का ही उठाव सोसाइटी से हो पा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा सोसाइटी से धान के उठाव नहीं होने के कारण खरीदी व्यवस्था प्रभावित ना हो करके खरीदी केन्द्रों में वैकल्पिक धान खरीदी स्थान का भी चयन किया गया है और प्रतिदिन सोसायटीवार जिसका सतत निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रतिदिन के लिए जिन किसानों को टोकन जारी किया गया है उनका धान खरीदी उसी दिन सूर्यास्त के पहले सूर्यास्त के पहले कर ली जाए। कलेक्टर ने कहा कि अभी तक किसान साथियों, किसान बंधु एवं उनके प्रतिनिधियों का व्यवस्था में पूर्ण सहयोग जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है साथ ही आगे भी सहयोग प्राप्त करने की अपील की अपेक्षा की गई।

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