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महज 22 साल का फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट तरुण भारद्वाज गिरफ्तार, सूचना का अधिकार का भय दिखा कर जनपद पंचायत दुलदुला के सभी 30 ग्राम पंचायत सचिवों से मांगा था ₹3000-₹3000

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जशपुर। महज 22 साल का फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट तरुण भारद्वाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी तरुण भारद्वाज सूचना का अधिकार का भय दिखा कर जनपद पंचायत दुलदुला के सभी 30 ग्राम पंचायत सचिवों से ₹3000-₹3000 रुपए की मांग कर रहा था।

19 नवंबर 2025 को पंचायत सचिव देवकी यादव( उम्र 45 वर्ष) जो कि ग्राम पंचायत कस्तूरा एवं जामपानी की सचिव है, के द्वारा थाना दुलदुला में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जनपद पंचायत दुलदुला के माध्यम से उसे , सूचना के अधिकार की धारा (6)(3) के तहत् आरोपी तरुण भारद्वाज का आवेदन पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें कि तरुण भारद्वाज के द्वारा 01.02.2020 से 21.08.25 तक 15 वें वित्त में किए गए समस्त कार्य के संबंध में इंजीनियर द्वारा जारी समस्त दस्तावेज, प्रतिवेदन जांच रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन, कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र, ग्राम सभा का प्रस्ताव , रजिस्टर व बिल वाउचर इत्यादि की सत्यापित प्रति मांगी गई थी, जो कि उक्त जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 5(4) के तहत नहीं दी जा सकती है, जिसके सम्बन्ध में आवेदक तरुण भारद्वाज को सूचित किया गया था, जिस पर तरुण भारद्वाज के द्वारा प्रथम अपील जनपद पंचायत दुलदुला में किया गया था, जिसकी सुनवाई 19.11.25 को होनी थी, तरुण भारद्वाज के द्वारा इस प्रकार का आवेदन, दुलदुला जनपद पंचायत के अंतर्गत सभी 30 पंचायतों को दिया गया था।

18 नवंबर 2025 को प्रार्थिया के पास एक अंजान नंबर से फोन आया, जिसमे अगले व्यक्ति ने अपना नाम तरुण भारद्वाज बताया , और बोला कि, क्या आप लोग जानकारी देना चाहते हैं?, या कुछ और व्यवस्था करना चाहते हैं, जिस पर व्यवस्था के संबंध में प्रार्थिया समझ नहीं पाई व तरुण भारद्वाज से पूछी कि व्यवस्था से आपका क्या मतलब है, तब तरुण भारद्वाज के द्वारा बोला गया कि व्यवस्था से मतलब प्रति पंचायत सचिवों से 3000-3000 रु देने के लिए बोलो, नहीं तो वह सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाल कर सभी पंचायत सचिवों को बर्खास्त करवा देगा। इस बातचीत को प्रार्थिया ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। दिनांक 19.11.25 को तरुण भारद्वाज, अपने सूचना के अधिकार के तहत दिए गए आवेदन की प्रथम अपील की सुनवाई हेतु , कार्यालय जनपद पंचायत दुलदुला में आया हुआ था, तथा सभी पंचायत सचिव भी वहीं उपस्थित थे, इस दौरान भी आरोपी तरुण भारद्वाज के द्वारा , पुनः सचिवों को बर्खास्त कराने व जेल भेज देने तथा राज्य सूचना आयोग में शिकायत करने की धमकी देकर 30 ग्राम पंचायत सचिवों से तीन- तीन हजार रुपए प्रति सचिव के हिसाब से 90,000 रु की मांग किया जा रहा था। दो सचिवों ने भय से फोन पे के माध्यम से उसके अकाउंट में 500 – 500 रु डाल भी दिए थे। इस प्रकार आरोपी तरुण भारद्वाज के द्वारा पंचायत सचिवों से, सूचना का अधिकार का भय दिखाकर जबरन रुपए की मांग की जा रही थी।

पुलिस के द्वारा प्रार्थिया ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट पर थाना दुलदुला में बी एन एस की धारा 308(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था। पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी तरुण भारद्वाज को जनपद पंचायत दुलदुला के परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ पर आरोपी तरुण भारद्वाज के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया कि वह ग्राम अण्डा जिला शक्ति का निवासी है, उसे कहीं से जानकारी मिली थी, सूचना के अधिकार के तहत , बहुत सारी जानकारी निकालने पर, संबंधितों को ब्लैकमेल कर, बहुत सारे रुपए कमाए जा सकते हैं, इसी लिए वह पंचायत सचिवों से रुपए ऐंठने हेतु प्लान बनाया था व सूचना के अधिकार के तहत लंबी चौड़ी जानकारी की मांग की गई थी, जिससे कि पंचायत सचिवों को ब्लैकमेल किया जा सके, यह उसका पहला प्रयास था। परंतु मामले में पुलिस की जांच जारी है,पुलिस इस बात की भी जानकारी इकट्ठा कर रही है, कि आरोपी तरुण भारद्वाज के द्वारा अन्यत्र भी इस प्रकार की घटना तो नहीं कारित की गई है है।

पुलिस की पूछताछ पर आरोपी तरुण भारद्वाज के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के द्वारा आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।
मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक अलेक्सियूस व आनंद खलखो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

गिरफ्तार आरोपी तरुण भारद्वाज, (उम्र 22 वर्ष) ग्राम अण्डा थाना माल खरौदा, जिला शक्ति (छ. ग.) का रहने वाला है।

मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि दुलदुला क्षेत्रांतर्गत फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बन पंचायत सचिवों से रुपए की मांग करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। अन्यत्र भी इस प्रकार की घटना में आरोपी की संलिप्तता के संबंध में पुलिस जानकारी इकठ्ठा कर रही है, जांच जारी है।

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